प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के जिला सोनीपत, यमुनानगर और करनाल में अवैध खनन मामले में कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार और इनेलो के महासचिव अभय सिंह चौटाला के समधी दिलबाग सिंह और भाजपा नेता मनोज वधवा के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की है।
बताया जा रहा है कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत यमुनानगर, सोनीपत, मोहाली, फरीदाबाद, चंडीगढ़ और करनाल में इन नेताओं और उनसे जुड़ी इकाइयों के करीब 20 ठिकानों पर छानबीन की जा रही है। बता दें कि धन शोधन का मामला पिछले दिनों यमुनानगर और आसपास के जिलों में हुए कथित अवैध खनन की जांच के लिए दर्ज की गई हरियाणा पुलिस की कई प्राथमिकियों से सामने आया है ईडी ने हरियाणा के यमुनानगर जिले में कथित अवैध खनन से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत वीरवार को तीन नेताओं और उनके सहयोगी के ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की है।

यमुनानगर के पूर्व विधायक एवं इनेलो नेता दिलबाग सिंह
गौरतलब है कि जिला यमुनानगर के पूर्व विधायक एवं इनेलो नेता दिलबाग सिंह के निवासी और कार्यालय में ईडी ने छापा मार कार्रवाई की है। टीम में शामिल अधिकारी फिलहाल छानबीन कर रहे हैं। गौरतलब है कि दिलबाग सिंह यमुनानगर में इनेलो पार्टी से विधायक रह चुके हैं। इसके बाद दिलबाग सिंह वर्ष 2014 में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम दास अरोड़ा से चुनाव हार गए थे।
दादा पहलवान ठाकुर सिंह के पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के साथ थे अच्छे संबंध
बताया जाता है कि दिलबाग सिंह 3 पीढ़ियों से इनेलो के साथ जुड़े हैं। इस बीच उनके चौटाला परिवार से पारिवारिक संबंध हो चुके हैं। दिलबाग के दादा पहलवान ठाकुर सिंह के पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के साथ अच्छे संबंध थे। वह उनके साथ पार्टी से जुड़े थे। इसके बाद दिलबाग के पिता बिशा सिंह ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के साथ राजनीति की। अब दिलबाग सिंह तीसरी पीढ़ी के नेता हैं। वह वर्ष 2009-14 तक यमुनानगर सीट से इनेलो विधायक रह चुके हैं।

चौटाला परिवार से हैं दिलबाग सिंह के पारिवारिक रिश्ते
इसके बाद वर्ष 2014 में वह भाजपा प्रत्याशी घनश्याम दास अरोड़ा से चुनाव हार गए। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के छोटे बेटे अभय चौटाला ने अपने बेटे अर्जुन चौटाला के लिए दिलबाग सिंह की बेटी जैसमीन के साथ रिश्ते की बात रखी थी। जिसे दिलबाग सिंह ने स्वीकार कर लिया था। अब दोनों एक-दूसरे के समधी हैं। इसके अलावा दिलबाग सिंह व्यापारी भी हैं। उनकी कई इंडस्ट्री, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट का काम भी है। इससे पहले अप्रैल 2018 में भी दिलबाग सिंह के निवास पर ईडी का छापा पड़ चुका है।