जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद मंगलवार को रोहतक जिला कोर्ट में पहरावर को जमीन पर से प्रशासन का कब्ज़ा छुडवाने और समाज को दिलवाने के लिए केस में पेश हुए। वही पीजीआई में बाहरी लोगों के भर्ती करवाने का विरोध करने पर भी उन पर दर्ज एक और केस में कोर्ट में पेश हुए।
उन्होंने गुरनाम सिंह के एसवाईएल कोई मुद्दा नहीं है ब्यान पर करारा जवाब देते हुए कहा की गुरनाम सिंह पंजाब सरकार की दलाली करने का काम कर रहे हैं। यह मामला हरियाणा के लोगों की जीवन रेखा है और सर्वोच्च न्यायालय का हरियाणा के हक में फैसला है हरियाणा में बैठकर एसवाईएल का विरोध करने वाले नेताओं को जनता और किसानों को जवाब देना चाहिए।
10 एकड़ जमीन एसवाईएल के पानी का इंतजार
पत्रकारों द्वारा गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा एसवाईएल पर दिए बयान पर नवीन जयहिंद ने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी न सिर्फ हरियाणा के किसानों का विरोध कर रहे है बल्कि सुप्रीम कोर्ट और संविधान का भी विरोध कर रहे है। उन्हें उम्मीद नही थी कि अपने आप को किसान नेता कहने वाले किसानों की समस्या ही नहीं जानते है। हरियाणा के किसानों की 10 लाख एकड़ बंजर जमीन एसवाईएल के पानी का इन्तजार कर रही है।
60 प्रतिशत जनता अशुद्ध पानी पी रही है
जिस पर प्रदेश के किसान 40 लाख टन अनाज उगा सकते है। 60 प्रतिशत जनता अशुद्ध पानी पी रही है और प्रदेश के माता-बहनें कई तरह की बिमारियों की शिकार हो रही है। गावों में भूमिगत जल कई सौ फीट निचे जा चुका है। एसवाईएल का विरोध करने करने वाले न सिर्फ हरियाणा के विरोधी है बल्कि प्रदेश के किसानों , संविधान – सुप्रीम कोर्ट के भी विरोधी है। अगर गुरनाम चढूनी कानून की रखवाली नहीं कर सकते है तो सरकार की दलाली का भी काम न करें।