आशा वर्कर ने 3 दिवसीय हड़ताल की शुरू

रोहतक

प्रदेश में आशा वर्कर द्वारा 3 दिन की हड़ताल को शुरू कर दिया गया है। जिसके तहत रोहतक में जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर भी आशा वर्कर का धरना शुरू हुआ।

जानकारी देते हुए आशा वर्कर ने बताया कि वर्ष 2018 में सरकार से जो भी बातचीत हुई थी, उस पर सहमति बन गई थी, परंतु आज तक सरकार की ओर से उस सहमति को लागू नहीं किया गया है। इसलिए सरकार उस सहमति को लागू करें।

सरकार की ओर से इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जो कि आशा वर्कर के बिना सफल नहीं हो सकता। वहीं उन्होंने मांग रखते हुए कहा कि सरकार समान काम समान वेतन दे और कर्मचारियों को पक्का करें तथा ऑनलाईन प्रणाली को खत्म करें। आशा वर्करों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार अब भी नहीं मानती है, तो 3 दिन बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जा सकता है।

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इंद्रधनुष में आशा वर्कर्स की अहम भूमिका

देश में भारत सरकार द्वारा मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें आशा वर्कर्स की बहुत अहम भूमिका होती है। ऐसे में हरियाणा में इस कार्यक्रम में दिक्कतें आ सकती हैं, क्योंकि आशा वर्कर्स ने मंगलवार से 3 दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। यही नहीं सरकार को चेतावनी भी दे दी है कि उनकी 2018 में मानी गई मांगों का अगर नोटिफिकेशन जारी नहीं किया, यह हड़ताल अनिश्चित कालीन भी हो सकती है। इस आंदोलन को जनवादी महिला समिति ने भी अपना समर्थन दे दिया है।

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स्वास्थ्य विभाग में बहुत अहम स्थान : जगमति सांगवान

जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान ने कहा कि आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग में बहुत अहम स्थान रखती है। क्योंकि उनकी वजह से ही स्वास्थ्य विभाग की बहुत सी योजनाएं आम जनता तक पहुंच पाती हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है और जो 2018 में सरकार के साथ सहमति बनने के बाद उनकी मांगे पूरी हुई थी। वह अभी तक लागू नहीं की गई है। इसी वजह से यह हड़ताल पर बैठने को मजबूर हुई हैं।

सरकार ने किया सड़क पर उतरने के लिए मजबूर : अनीता

आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान अनीता ने कहा कि सरकार ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। 2018 में हरियाणा सरकार ने उनकी मांगें मान ली थी। लेकिन नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। जिसके चलते वे कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनने को तैयार नहीं है। समान काम समान वेतन, पक्का करना तथा ऑनलाइन सिस्टम को खत्म करने की डिमांड की लड़ाई में लड़ रही है।

अब वे किसी कीमत पर पीछे हटने वाली नहीं है और जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल 3 दिन की हड़ताल रखी गई है, अगर सरकार अब भी नहीं मानी तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। भारत सरकार के इंद्रधनुष कार्यक्रम में भी कोई आशा वर्कर भाग नहीं लेगी और प्रदेश की 20000 आशा वर्कर 3 दिन के लिए सड़कों पर ही अपना धरना चलाएंगी।