जानिए रेसलिंग एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड लेकर लौटी खिलाड़ी ट्रायल को लेकर फैसले से क्यों है नाराज

रोहतक

जॉर्डन में हुई अंडर 20 एशियन चैंपियनशिप कुश्ती प्रतियोगिता में नीतिका ने 59 किलोग्राम भार वर्ग में उज्बेकिस्तान की पहलवान को हराकर गोल्ड मेडल जीता और देश का मान बढ़ाया है।

अपनी इस जीत के बाद रोहतक जिले के मोखरा गांव पहुंचने पर खिलाड़ी का भव्य स्वागत किया गया। लेकिन विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को ट्रायल में दी गई छूट को लेकर नीतिका नाखुश है। उनका

एडहॉक कमेटी के फैसले से नाराज हुई नीतिका

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नीतिका का कहना है कि जो बच्चे चार पांच साल से प्रैक्टिस कर ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना देखते हैं उनके लिए यह फैसला हताशा भरा है। सभी पहलवानों को बराबर का मौका मिलना चाहिए और ट्रायल लेने के बाद ही किसी भी चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ी का चयन होना चाहिए।

जो फैसला बजरंग पूनिया व विनेश फोगाट के लिए दिया गया है वह सरासर गलत है। उनका कहना है कि आज वे अपनी इस जीत को लेकर काफी खुश हैं और अब विश्व चैंपियनशिप तथा ओलंपिक के लिए अपनी तैयारियां करेंगी।

जूनियर खिलाड़ियों को मिलना चाहिए बराबर मौका- मनदीप सैनी कोच

नीतिका के कोच अपनी शागिर्द के गोल्ड मेडल जीतने पर काफी खुश हैं। लेकिन विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को ट्रायल में दी गई छूट को लेकर वे काफी नाराज भी है।

उनका कहना है कि यह जूनियर खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ने वाला फैसला है। सभी को बराबर का हक मिलना चाहिए और जो ट्रायल में जीतकर जाए उसके साथ पूरा देश खड़ा होता है। इसलिए वे अपील करते हैं कि इस फैसले को बदला जाए। ताकि जूनियर खिलाड़ियों को भी मौका मिल सके।

पिता ने कहा बेटी ने किया उनका अधूरा सपना किया पूरा

पिता दयानंद ने कहा कि उनकी तीन बेटियां ही हैं और उन्होंने कभी ये नहीं माना कि उनका कोई बेटा नहीं है और बेटियों को बेटों की तरह पाला है। आज उनकी बेटी ने उनका सपना पूरा कर दिया जो वह खुद पहलवान रहते हुए नहीं कर पाए थे। उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी भविष्य में भी ऐसे ही प्रदर्शन करें।