Delhi के द्वारका स्थित एक संदिग्ध अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिलने पर Rohtak स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथों चिकित्सक को गिरफ्तार किया है।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश चन्द्र ने बताया कि घटते लिंगानुपात को सुधारने के उद्देश्य से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में संदिग्ध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापामारी की जा रही है।
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत और चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित के नेतृत्व में गठित टीम ने एक महिला स्टाफ को भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए तैयार किया। इसके लिए एक दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपये में सौदा तय किया गया।
महिला को दलाल के कहने पर जांच के लिए सेंटर भेजा गया। जांच के दौरान रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विनीत मदान ने बताया कि महिला के जुड़वा भ्रूण हैं और दोनों मादा हैं।
कार्रवाई के दौरान रोहतक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दलाल शैलेन्द्र माथुर और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विनीत मदान को रंगे हाथों पकड़ा। मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन, सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड और 25,500 रुपये बरामद किए गए। आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।





