लगभग 40 गांव के किसानों ने आज अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वाधान में हुई बैठक में हिस्सा लिया। खेतों से जल निकासी के पुख्ता प्रबंध ना होने से किसान सरकार से नाराज हैं। किसानों ने जलभराव से खराब हुई फसल को लेकर सरकार के प्रति रोष जताया है। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसलों का तुरंत मुवावजा देने की मांग की है। साथ ही सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे।
किसानों ने की उचित मुआवजे की मांग
खेतों में जलभराव को लेकर परेशान किसानों का कहना है की खेतों से जल निकासी के सरकार के पास कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। जिसके चलते उनकी खरीफ की फसल तकरीबन चौपट हो गई है। सरकार द्वारा घोषित ₹15000 प्रति एकड़ मुआवजे की राशि को नाकाफी बताते हुए कहा कि इससे किसान के खेत में हुआ खर्च भी नहीं निकल पाएगा। क्योंकि कई किसान 25 से ₹30000 प्रति एकड़ ठेके पर खेत की जमीन लेकर बुवाई करते हैं। ऐसे में किसानों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
रोहतक को किया जाए बाढ़ ग्रस्त इलाका घोषित
किसानों की शिकायत है की 2022 में जो उनकी गेहूं की फसल खराब हुई थी उसका लगभग 24 करोड़ रुपए सरकार की तरफ अब भी बकाया है जो किसानों में नहीं बांटा गया है। किसानों ने मांग की है कि जिला रोहतक को बाढ़ ग्रस्त इलाका घोषित किया जाए।
किसानों के लिए सरकार का क्षति पोर्टल खोला जाए साथ में सरकार जलभराव से हुए खेतों में नुकसान की स्पेशल गिरदावरी कर जल्द से जल्द मुआवजा दें। अगर सरकार किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो वह जल्द ही सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।

