Nirankari Satsang Bhawan Sonipat

Sant Nirankari Mission ने मनाया भक्ति पर्व समागम, Vinod Khanna बोलें भगत को परमात्मा पर होना चाहिए पूरा विश्वास

धर्म बड़ी ख़बर सोनीपत हरियाणा

संत निरंकारी मिशन के सानिध्य में हरियाणा के जिला सोनीपत के रेलवे रोड स्थित निरंकारी सत्संग भवन सहित बरोदा, कुंडली, नाहरा, नाहरी और खरखौदा ब्रांच की ओर से भक्ति पर्व समागम का आयोजन किया गया। इस समागम को दिल्ली के रोहिणी स्थित संत निरंकारी ब्रांच के संयोजक एवं ज्ञान प्रचारक महात्मा विनोद खन्ना की हजूरी में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता सोनीपत सेक्टर-27 के संयोजक राजन छाबड़ा ने की। भक्ति पर्व समागम में राजकुमार तुली, संचालक सूरज प्रकाश का विशेष योगदान रहा।

इस दौरान संत विनोद खन्ना ने मिशन के पुरातन इतिहास और आज के मिशन के बारे में सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भगत को परमात्मा पर पूरा विश्वास होना चाहिए, फिर परमात्मा भगत की सारी बातें सच कर देते हैं। समागम के दौरान उन्होंने अनेकों भगतों का उदहारण भी दिया। जिनमें भगत प्रहलाद, भगत कोटूमल शामिल रहे। संत विनोद खन्ना ने बताया कि ऐसा भगत बनने के लिए बोल वचन से एक होना जरूरी है। हमें अपने सतगुरु के प्रति सुदृढ़ विश्वास रखना चाहिए। फिर भगत जो कुछ भी कहता है, भगवान और गुरु उसे पूरा कर देते हैं। इस दौरान भक्ति पर्व समागम में दूर-दूर से संगत पहुंची। जिससे मिशन के सत्य, प्रेम व एकत्व पर आधारित संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जा सके।

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इस मौके पर संत विनोद खन्ना ने सदगुरु माता सुदीक्षा का मानवता के प्रति संदेश देते हुए कहा कि रूहानियत और इंसानियत से ही हम पूर्ण इंसान बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही हम निरंकार प्रभु-परमात्मा को जान लेते हैं और अपना नाता उनसे जोड़ लेते हैं तो सभी के घट में इसका नूर देखते हैं। यही हमारी पहचान बन जाती है। सारा संसार हमें विश्व-बंधुत्व के भाव से ओत-प्रोत प्रतीत होता है। ब्रह्मज्ञान का अहसास होते ही हमारे जीवन में निखार प्रारंभ होता है। हम संसार में सदव्यवहार करने वाले बन जाते हैं।

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संत विनोद खन्ना ने बताया कि संत निरंकारी मिशन का एकमात्र उद्देश्य निरंकार परमात्मा के साक्षात्कार करवाकर मानव जीवन का कल्याण करना है। यह मिशन वर्ष 1929 से ही ब्रह्मज्ञान की दिव्य रोशनी द्वारा समस्त संसार को प्रकाशित करके, मानव मन में व्याप्त सभी कुरीतियों एवं नकारात्मक भावों को समाप्त कर रहा है। मिशन का मानना है कि हम सब एक ही परमात्मा की संतान हैं और अपने जीवनकाल में इसकी जानकारी प्राप्त करके हर पल अपने जीवन को आनंदित किया जा सकता है। आध्यात्मिक जागृति के उत्थान के साथ-साथ मिशन अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी सम्मिलित रहा है।