सिरसा के एक युवक को दुबई की कंपनी में नौकरी दिलाने का बहाना बनाकर ठगने का मामला सामने आया है। युवक न दुबई पहुंचा, लेकिन यहां उसे कंपनी में नौकरी दिलाने की बजाए उससे झाड़ू-पोछा कराया गया। इसके बाद एजेंट ने उसको दुबई के शारजाह में छोड़ दिया, जहां उसने बहुत दिनों तक भीख मांगकर जीवन यापन किया। इस पर पीड़ित ने थाना पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।
मामले के अनुसार गांव रघुआना के निवासी सर्वजीत सिंह नाई को मामा के बेटे विशाल द्वारा धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। विशाल ने सर्वजीत को दुबई की कंपनी में नौकरी के लिए प्रेरित किया, जो बड़ी राशि में पैसे मांगता था। सर्वजीत ने अपने पैसे चरणजीत को दे दिए, परंतु कंपनी में नौकरी की बजाय उससे झाड़ू-पोछा कराया गया। इसके बाद उसे शारजाह में छोड़ दिया गया, जहां उसने कई दिनों तक भीख मांगकर जीवन यापन किया। सर्वजीत का कहना है कि एजेंट ने उससे मारपीट की और उसके पासपोर्ट और कागजात छीन लिए। बाद में जब उसे पासपोर्ट वापस मिला, तो उसने अपनी बुआ के लड़के को फोन करके बातें बताई। जिसके बाद वह दुबई से वापस लौटा। सर्वजीत ने थाना पुलिस में शिकायत दी और आरोपी के खिलाफ दोषी ठहराया गया है।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी चरणजीत के खिलाफ कबूतरबाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपी का कहना है कि दुबई में उस तरह के और भी युवा फंसे हैं, जिन्हें एजेंट एक ही कमरे में रखता है और उनके साथ मारपीट भी करता है। उसने पुलिस को इसकी वीडियो भेजी है। मामले से यह साफ होता है कि ऐसी धोखाधड़ी के कारण युवाओं को नुकसान हो रहा है और सरकार को इस प्रकार के ठगी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।

