सिरसा के रानियां थाने के एएसआई अचनाक से लापता हो गए। एएसआई ने थाना प्रभारी को सुसाइड नोट भेजा है। सुसाइड नोट में फेसबुक पर बनी महिला दोस्त पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। महिला से परेशान होकर एएसआई ने इस घटना को अंजाम दिया है। पत्नी की शिकायत पर राजस्थान पुलिस की महिला कर्मी पर मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
ब्लैकमेल कर झुठे आरोप में फंसाने की दी धमकी
रानियां पुलिस ने पुलिस थाना के क्वाटर नंबर-एक(बी) निवासी लक्ष्मी पत्नी सुशील कुमार की शिकायत पर एक महिला के खिलाफ धारा 346, 384 के तहत मामला दर्ज किया है। सुशील कुमार रानियां थाना में बतौर एएसआई के रूप में तैनात है। अपनी शिकायत में एएसआई की पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि 5 अगस्त को उसका पति बेहद परेशान था।
पूछने पर सुशील ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व उसका फेसबुक पर पिंकी नामक महिला से परिचय हुआ था। जिसने उसे अपने जाल में फंसाकर उसे ब्लैकमेल कर रही है औऱ झूठे मुकद्दमें में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगती है। इसी महीने उसने पिंकी के खाते में 50 हजार रुपये गूगल-पे किए है।
एएसआई की जांच शुरु
लक्ष्मी ने अपनी शिकायत में बताया कि पिंकी का असली नाम कुछ ओर है और वह सिरसा जिला के ही एक गांव की रहने वाली है। उसकी राजस्थान पुलिस में पोस्टिंग है। उसने बताया कि 6 अगस्त को सुबह साढ़े सात बजे उसका पति ऐलनाबाद जाने की बात कहकर मोटरसाइकिल पर गया था।
पुलिस थाना से एक कर्मचारी घर आया और उसके पति के बारे में पूछताछ की। बताया कि सुशील कुमार का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने लक्ष्मी की शिकायत पर पिंकी के खिलाफ मामला दर्जकर लापता एएसआई की तलाश शुरू कर दी है।
क्या लिखा है सुसाइड नोट में
लापता एएसआई सुशील की पत्नी लक्ष्मी द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत में बताया गया है कि सुसाइड नोट में उसके पति ने लिखा है, ‘मेरे प्यारे बच्चों मुझे माफ कर देना। मैं आपको इतना दुख देकर जा रहा हूं। मैं अपनी जिंदगी से परेशान हो चुका हूं। मुझे पिंकी जोकि राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर है, उसने परेशान कर रखा है। बार-बार धमकी देकर उसके साथ गलत काम किया।
सुसाइड नोट टाइप करके हस्ताक्षर किए गए है। इसके बाद हाथ से भी लिखा है। जिसमें कहा गया है कि पिंकी ने मेरे पास फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। उसके बाद फोन नंबर लेकर बातचीत की। फिर एक दिन घर बुलाकर मुझे कुछ पिला दिया। जिसके कारण मुझे होश नहीं रहा तो पिंकी ने गलत काम करवाया। उसके बाद मुझे ब्लैकमेल करने लगी। बदनामी के डर से वह सहन करता रहा लेकिन अब सहन करने की हिम्मत नहीं है। हार कर ऐसा काम कर रहा हूं।

