हरियाणा के Sirsa के डबवाली क्षेत्र के गांव गंगा में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई की गई। प्रशासन के अधिकारी, जिनमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट और भारी संख्या में पुलिस बल भी था, अपने साथ जेसीबी मशीनें लेकर पहुंचे। अवैध कब्जों के कारण गांव में 50 लाख की लागत से बिछने वाली पेयजल पाइप लाइन का काम भी ठप पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने अवैध कब्जों के खिलाफ हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ी है।
डबवाली क्षेत्र के महाग्राम गंगा में मंगलवार शाम को अधिकारी अवैध कब्जा हटाने के लिए पहुंचे थे। लेकिन रात को बिना कोई कार्रवाई किए ही टीम गांव से लौट गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गांव के मैन बस स्टैंड पर गोरीवाला- संगरिया रोड को जाम कर दिया। इससे वाहन भी फंसे रहे। यहां अनेक वाहन तो रात भर जाम में फंसे रहे।
प्रशासन की टीम बुधवार को फिर से गांव गंगा पहुंची। टीम के साथ पुलिस व जेसीबी मशीनें भी थी। इसके बाद तनाव भरे माहौल में उन अवैध कब्जों को हटाया गया, जिनका प्रभाव गांव के विकास या पेयजल व्यवस्था योजना पर पड़ रहा था। ग्रामीण गुरसेवक सिंह, रणजीत सिंह ने बताया कि मोडी गांव के पास से गुजर रही कालुआना माइनर से करीब 3 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई। पाइपलाइन का कार्य गांव की आबादी क्षेत्र में आया तो कुछ घरों द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन को अपने प्लाट या जमीन में से गुजरने का अंदेशा लगा। इसको लेकर सिविल कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक केस चला। अब 20 अप्रैल को हाई कोर्ट ने कब्जाधारियों के केस को खारिज कर दिया। इसके बाद 1 मई को कब्जे हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। गंगा गांव में इसके बाद बुधवार को अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कब्जाधारियों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद पुलिस की टीम ने विरोध कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया







