नगर परिषद ने अभियान के चलते बेसहारा पशुओं को दिया सहारा, दो दिन में 46 पशुओं को पहुंचाया नंदीशाला

सिरसा

शहर की सड़कों पर घुम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत दो दिनों में नगर परिषद की टीम ने 46 बेसहारा पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में पहुंचाया। हैरान करने वाली बात यह है कि बेसहारा पशुओं में 50 फीसदी पशु दुधारू हैं। पशुओं का दूध निकालने के बाद पशुपालक उन्हें घर से बाहर निकाल देते हैं।

शहर में घूम रहे 3 हजार बेसहारा पशु

शहर में करीब तीन हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। नगर परिषद की ओर से करीब दो माह पहले बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठेकेदार को कार्य सौंपा गया था। जुलाई में शहर से ठेकेदार ने 104 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में पहुंचाया गया।

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इसके बाद भी शहर में पशुओं की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो नगर परिषद ने अब ठेकेदार को सख्ती से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। दो दिन में ठेकेदार ने अलग-अलग स्थानों से 46 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला पहुंचाया।

पशुपालक बने बेरहम, दुध निकाल पशुओं को छोड़ देते हैं बेसहारा

पशुपालक सुबह और शाम के समय पशुओं का दूध निकालने के लिए उन्हें घर पर ले जाते हैं। दूध निकालने के बाद फिर से उन्हें घर से बेघर कर सड़क पर लावारिश छोड़ दिया। दिनभर पशु विचरण करने के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकते हैं।

नगर परिषद ने पहले भी सभी पशुपालकों को चेतावनी दी थी और घर से बाहर पशु न छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी पशुपालक लगातार मनमानी कर रहे हैं। जिसके कारण शहर वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अभियान के तहत शहर को मिलेगी बेसहारा पशुओं से मुक्ति

शहर में अभी बेसहारा पशुओं की संख्या तीन हजार के करीब पहुंच गई है। दिनभर यह पशु शहर के चौक चौराहों पर खड़े और डंपिंग प्वाइंटों पर मुंह मारते हुए नजर आते हैं। रात के समय भी ये पशु सड़क पर बैठकर आराम करते हैं। इसके कारण चौक-चौराहों पर सड़क हादसे भी कई बार हो चुके हैं।

अब नगर परिषद ने शहर में सख्ती से अभियान शुरू कर दिया है। शहर में अब जिन भी क्षेत्रों में दुधारू पशु अधिक पाए जा रहे हैं, उन्हें पकड़कर नंदीशाला पहुंचाया जा रहा है, ताकि शहर की स्थिति में सुधार हो सके।