यमुनानगर मैं जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि पांच लोग अभी भी नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती है। एसपी हिमाद्री कौशिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने 10 टीमों का गठन किया है।जो भी आरोपी होंगे वह बच नहीं पाएंगे। एसपी हिमाद्री कौशिक ने कहा कि एक्साइज विभाग भी मामले में लगा हुआ है।उन्होंने कहा कि अभी तककिसी भी नेता की संलिप्त इस केस में नहीं पाई गई है।
गांव मंडबेरी, पंजेटों का माजरा, फुन्सगड़ के बाद सारण गांव में भी जहरीली शराब से दो लोगों की मौत हो गई है। पंजेटों के माजरा के 70 साल के जगीर चंद को भी जहरीली शराब ने मार दिया है। जगीरचंद के बेटे रविंदर का कहना है कि मेरे पिता ने भी उन लोगों के साथ बैठकर शराब पी थी जो मर चुके हैं। कल रात अचानक से मेरे पिता की तबीयत खराब हुई और सुबह ऊपर जाकर देखा तो उनमें सांस नहीं थे। मेरे पिता शराब के आदि जरूर थे लेकिन वह बहुत कम शराब का सेवन करते थे। मैंने यह भी कहा कि जिस शराब के पीने से मेरे पिता की मौत हुई है। उसमें कुछ शराब थी जो पुलिस लेकर गई है।
सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे ग्रामीण
मौत को करीब से देखकर ग्रामीणों में एक तरफ बेचैनी है तो दूसरी तरफ आक्रोश है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस अवैध शराब पर रोक लगाई और मौत के सौदागरो के खिलाफ सख्त एक्शन ले। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह काम पुलिस की शह के बिना नहीं हो सकता। ऐसे में कई घरों के चिराग बुझ गए हैं। हमें डर है कहीं आगे कोई और अनहोनी ना हो जाए।
पुलिस ने अभी तक किया है 7 आरोपियों को गिरफ्तार
पुलिस ने अभी तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कईओं की धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है। लेकिन इन मौत के सौदागरों के के खिलाफ ग्रामीण खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। इन दबंगों से डर लगता है। अगर आवाज उठाएंगे तो इन्हें अपनी भी जान का खतरा है।