हरियाणा के Sonipat में 100 वर्ष पुराने दुर्लब राजस्व रिकॉर्ड को स्कैन करके अब ऑनलाइन करने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ताकि कमजोर हो चुके कागजात से संबंधित जानकारी सुरक्षित रह सके।
लघु सचिवालय में पटवारियो को भूमि से संबंधित किसी भी कागजात को तलाश करने के लिए अधिक समय नहीं लगेगा केवल कंप्यूटर पर जमीन का खेवट या फिर किला नंबर डालते ही एक क्लिक करते ही संपूर्ण जानकारी तुरंत प्राप्त होगी। मौके पर दुर्लब रिकार्ड को ऑनलाइन करने वाली टीम के अधिकारी का कहना है कि इस कार्य को पूर्ण करने के दौरान 20 लोगों की टीम को 4 वर्ष का समय लगा है। उन्होने बताया कि अब इनकी टीम जितने भी कोर्ट केस जोकि राजस्व से संबंधित रहे हैं उनको स्कैन करने का कार्य शुरू कर दिया गया है आगमी 6 माह में कार्य को पूर्ण करते हुए ऑनलाइन कर दिया जाएगा।