Sonipat के सीआरपीएफ कैंप में रहने वाले कांस्टेबल सुरेंद्र की बेटी आंचल वालिया ने सिविल जज की परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिससे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। आंचल ने 7 से 8 घंटे पढ़ाई करके अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।
आंचल ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत सोनीपत के साउथ प्वाइंट स्कूल से 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद गुरु गोविंद इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी की डिग्री हासिल की। इंटर्नशिप के दौरान जब उसने महिला जजों को देखा, तब उसने जज बनने का लक्ष्य निर्धारित किया और इसके लिए मेहनत शुरू कर दी।
हालांकि, आंचल ने पहले सरकारी वकील बनने का प्रयास किया था, लेकिन इंटरव्यू में असफलता मिलने पर उनका मनोबल कम हो गया। परिवार ने उन्हें फिर से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया, और अब उन्होंने सिविल जज कम ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रिजर्व कैटेगरी में तीसरा स्थान हासिल किया है।

आंचल की मां संगीता ने कहा कि रिजल्ट आने के बाद आंचल को यकीन नहीं हुआ और उन्होंने इसे एक सपना मान लिया। संगीता ने बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात करते हुए कहा कि दहेज के लिए पैसे इकट्ठा करने के बजाय बेटियों की शिक्षा में निवेश करना चाहिए, क्योंकि यही असली खजाना है।
आंचल की दो बहनें भी हैं, अंजलि और आस्था। अंजलि ने अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी कर ली है और ज्यूडिशरी की तैयारी करेगी, जबकि आस्था वकालत की फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही है। आंचल ने कहा कि वह अपने न्यायालय में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी और अपने दरवाजे हमेशा दबे-कुचले लोगों के लिए खोलेंगी।