Haryana Education Board Bhiwani

QR Code और Alpha Numeric Code लागू करने से नकल पर लगा अंकुश, Dr. VP Yadav बोलें Haryana Education Board Bhiwani द्वारा लगाई गई नकल पर 99 प्रतिशत रोक

सोनीपत

हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी के चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने नकल पर अंकुश लगाने के सवाल पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड और अल्फा न्यूमैरिक कोड लागू करने से पहले वर्ष 2022 में यूएमसी के 3800 केसेस थे। वर्ष 2023 में यूएमसी के लगभग 1800 केस और आज वर्ष 2024 में अभी तक पूरे प्रदेश में सिर्फ यूएमसी के 760 केस मिले हैं। जिनमें सोनीपत में कुल 68 केस आए हैं, जोकि नकल पर बहुत ही बड़ा अंकुश लगा है।

यह बातें चेयरमैन डॉ. वीपी यादव सोमवार को हरियाणा के जिला सोनीपत में रेलवे रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। डॉ. वीपी यादव ने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा नकल पर 99 प्रतिशत रोक लगाने का कार्य किया गया है। क्यूआर कोड और अल्फा न्यूमैरिक कोड लागू करने से परीक्षा पत्र आउट होने के चांस लगभग खत्म हो गए है। जहां पर भी इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त हुई, हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। जिस बच्चे के पेपर की फोटो खींची गई, उसके खिलाफ भी करवाई और फोटो खींचने वाले के नाम एफआईआर दर्ज हुई है। अब पेपर आउट करने वाला कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता।

डॉ. वीपी यादव ने कहा कि उन्होंने जिला सोनीपत में इस एग्जामिनेशन सेशन के दौरान पहला विजिट किया है। जिला सोनीपत के खरखौदा में जब पहले विजिट किया था तो उस समय परीक्षा के दौरान काफी अनियमितताएं दिखाई दी, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि कुंडली के एक सेंटर में बहुत ही शांति और अच्छे ढंग से पेपर चल रहे हैं, पता भी नहीं लग रहा है कि एग्जामिनेशन का वहां सेंटर है। उन्होंने कहा कि सोनीपत की जनता के साथ इस बात को शेयर करने के लिए ही पत्रकारवार्ता के दौरान यह सूचना शेयर की गई है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में इस बार 10 से 11 जगह पेपर आउट होने की शिकायत आई और उस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए सभी को एग्जामिनेशन के दौरान ही पकड़ लिया गया। सोनीपत से एक बार सेकेंडरी और एक सीनियर सेकेंडरी के दो पेपर लीक होने की शिकायत है। उनको पकड़ लिया गया और कार्यवाही करवाई गई है। इसके अलावा पेपर रद्द हुए हैं, उन्हें 3 से लेकर 6 तारीख के बीच में दोबारा परीक्षाएं करवाई जाएगी।

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वीपी यादव 1

चेयरमेन डॉ. वीपी यादव ने डिजिटल मार्किंग का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड डिजिटाइजेशन कदमताल करते हुए टेक्नोलॉजी के साथ में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मार्किंग के बहुत सारे फायदे हैं। विद्यार्थियों के साथ एक तरह के इन्वेस्टमेंट है, एक्सपेंडिचर नहीं है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मार्किंग में यदि कोई भी आंसर शीट में पेज अनचेक्ड नहीं रह सकता। यदि कोई रिपीटेशन है तो उसे भी टीचर को तुरंत बता देगा कि डिजिटल मार्किंग से यह रिपीट कर दिया एलिमिनेट करिए। इसके अलावा स्टूडेंट के नंबरों की टोटलिंग ऑटोमेटिक होगी। उन्होंने कहा कि बहुत सारे बेनिफिट्स स्टूडेंट्स को मिलेंगे और डिजिटल मार्किंग हरियाणा शिक्षा बोर्ड का क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड हमेशा रिजल्ट को इंप्रूव करने के लिए कार्य करता रहता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड पूरे देश में सबसे पहला ऐसा बोर्ड है, जिसने प्रत्येक सब्जेक्ट के चार-चार सैंपल पेपर साइट पर अपलोड किए हैं। बोर्ड द्वारा टीचर को हर चैप्टर का एक लेसन प्लांस तैयार करके दिया जा रहा है, जिससे टीचर्स को बहुत ही स्पष्ट मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा का पास रिजल्ट बढ़ाने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा सीबीएसई के तर्ज पर ही पहले 20 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन और 80 नंबर का थ्योरी पेपर होता है। जिसमें विद्यार्थी को दोनों में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते थे, लेकिन अब हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा फार्मूला चेंज किया गया है। जिसमें दोनों में कुल मिलाकर अगर 33 नंबर विद्यार्थी को प्राप्त होते हैं तो उसे पास माना जाएगा।