Kisan Andolan 2 Live Updates

Kisan Andolan 2 : NH-44 दिल्ली सिंघु बॉर्डर खुलने से मिलेगी वाहन चालकों को राहत, 2 लेन खोलने का फैसला, Delhi High Court में केंद्र और दिल्ली सरकार के खिलाफ रिट याचिका दायर

सोनीपत

Kisan Andolan 2 Live Updates : किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद 2 महीने से बंद पड़े एनएच-44 दिल्ली-सिंघु बॉर्डर खुलने से अब वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस ने अब एनएच-44 पर कुंडली बॉर्डर से आगे की गई भारी बैरिकेडिंग को हटाने का फैसला लिया है। हालांकि अभी हाईवे की 2 लेन ही खोली जाएंगी। बता दें कि फिलहाल ट्रैफिक की आवाजाही सर्विस लेन से हो रही है। लगातार वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। अब 3-4 दिनों में लोगों और वाहन चालकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि सिंघु बॉर्डर पर नाकेबंदी से नाराज पानीपत के 3 निवासियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र और दिल्ली सरकार के खिलाफ रिट याचिका दायर की है। इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई होगी।

गौरतलब है कि सोनीपत से सटे कुंडली-सिंघु बॉर्डर को 13 फरवरी को बंद किया गया था। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से यहां 10 से ज्यादा सुरक्षा लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। करीब 3 किलोमीटर तक विभिन्न प्रकार के पक्के अवरोधक खड़े किए गए हैं। इनमें भारी भरकम पत्थर तो हैं हीं, साथ में कंटीले तारों की बाड़ भी लगाई गई है। किसान फिलहाल हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर डेरा जमाए बैठे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वह पीछे नहीं हटेंगे। किसान आंदोलन के चलते कई बार किसान और पुलिस आमने सामने हो चुके हैं। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ 4 बार की वार्ता हो चुकी है, जो आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। वहीं किसान दो दिन से अंबाला शंभु बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर भी डेरा जमाए बैठे हैं। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर फ्लाईओवर की सर्विस लाइन को 26 फरवरी को वाहनों के लिए खोल दिया गया था, लेकिन मेन हाईवे अभी तक बंद पड़ा है। सुबह शाम यहां पर दिल्ली जाने वाले वाहनों का भारी दबाव रहता है। हर रोज 2 से 3 घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहते हैं। रोजाना यहां से गुजरने वाले वाहन चालक सोशल मीडिया पर इसको लेकर दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहे थे। सवा दो महीने बाद अब यहां वाहन चालकों के लिए राहत की खबर सामने आई है।

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जाम

दिल्ली पुलिस ने हाईवे पर खड़ी की गई बैरिकेड की बाधा को हटाना शुरू कर दिया है। यहां दोनों तरफ से दो-दो लाइनें खोली जाएंगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने फ्लाईओवरों पर बनाए गए पक्के अवरोधकों को हटाने के लिए बुलडोजर लगा दिए हैं। इनको हटाने में 3 से 4 दिन का लगेगा। पहले यहां 3 किलोमीटर तक पक्की बैरिकेडिंग की गई हैं। जहां सर्विस लेन को भी पूरी तरह से खोलने में करीब 10 दिन लग गए थे। दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु बार्डर के दोनों फ्लाईओवरों से अवरोधकों, दीवारों व कंटेनरों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। सिंधू बॉर्डर को पूरी तरह से खोलने को दिल्ली पुलिस अभी तैयार नहीं है। हालांकि पुलिस को सोशल मीडिया पर रोड बंद करने पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद से बॉर्डर बंद होने के कारण कुंडली, राई के उद्योगों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। हालांकि, कुंडली बॉर्डर पर दोनों ओर के सर्विस रोड खोले गए थे, लेकिन सुचारु ट्रैफिक के लिए यह नाकाफी है। जाम लगा होने के कारण न केवल उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आसपास का व्यापार भी चौपट हो रहा है। दो महीने से अधिक समय से सिंघु बॉर्डर पर नाकेबंदी से नाराज पानीपत के 3 निवासियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र और दिल्ली सरकार के खिलाफ रिट याचिका दायर की है। याचिका कर्ताओं ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि सिंघु बॉर्डर (एनएच-44) पर व्यापक नाकेबंदी हटा दी जाए।

पानीपत के 3 याचिकाकर्ता लतीफ गार्डन के शंकर मोर, अग्रसेन कॉलोनी के सचिन अनेजा और रायर कलां के शिवम धमीजा ने अपने वकील मोहित गुप्ता, सचिन मिगलानी और अन्य के माध्यम से एक रिट याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने कहा कि बातचीत की विफलता के बाद किसान संगठनों और केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को दिल्ली तक विरोध मार्च की योजना बनाई थी। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने सिंघु बॉर्डर पर व्यापक अवरोधक और बैरिकेडिंग लगाकर कई सुरक्षा इंतजाम किए थे। अब इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई होगी।