सोनीपत के गांव कालूपुर के स्कूल में टीचरों पर ग्रामीणों द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने कई बार स्कूल प्रशासन को शिकायत की। ग्रामीण जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला उपायुक्त के दरवाजे पर भी अर्जी लगा चुके हैं। लेकिन कहीं भी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी स्कूल में बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। बच्चों के साथ गलत काम होने का भी आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप स्कूल में बच्चों के साथ होता है गंदा काम
गांव के सरकारी स्कूल की अव्यवस्था के खिलाफ महिलाओं ने मिनी सचिवालय पर हल्ला बोल दिया। महिलाओं ने स्कूल में बच्चों के साथ गलत काम होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्कूल का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। स्कूल में टीचरों द्वारा पढ़ाई करवाने की बजाय बच्चों से काम करवाया जाता है। वहीं स्कूल में अध्यापकों का बच्चों पर कोई नियंत्रण नहीं है।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल के शौचालय बदहाल पड़े रहते हैं। वहीं ग्रामीणों द्वारा यह भी कहा गया है कि स्कूल टीचर दिन भर टाइम पास करती रहती हैं और मनमर्जी से स्कूल से आना-जाना रहता है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि स्कूल में नए हेड टीचर रामफल द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार किया गया लेकिन स्कूल की टीचर उसे फंसाने की धमकी देती है। जबकि हेड टीचर रामफल के साथ पूरा गांव साथ खड़ा हुआ है।
स्कूल में गरीब बच्चों के हक पर डाला जा रहा डाका
दूसरी तरफ से ग्रामीण महिलाओं ने बताया है कि स्कूल में कोई एक समस्या नहीं है बल्कि स्कूल में उनके बच्चों के एडमिशन भी नहीं हो रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं का यह भी कहना है कि पहले भी जिला शिक्षा अधिकारी को मामले को लेकर शिकायत दी जा चुकी है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है।
आज ग्रामीण जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे हैं हालांकि जिला उपायुक्त कार्यालय में भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है और खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। वही प्रशासन के इस रवैया के चलते ग्रामीण महिलाओं ने ऐलान किया है कि पूरा गांव एकत्रित होकर स्कूल पर ताला जड़ेगा और टीचरों को स्कूल में नहीं घुसने देगा।

