(समालखा से अशोक शर्मा की रिपोर्ट) आंदोलनकारी किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए रास्ते में गढ़े खोदना, कीले गाढ़ना, बैरीकेडिंग लगाना, आंसू गैस के गोले दागना और उनके घरों में दबिश देने को लेकर ऑल इंडिया लार्यस यूनियन ने सरकार और प्रशासन की कड़ी निंदा की है। यूनियन का कहना है कि सरकार और प्रशासन ऐसा करके किसानों के साथ नाजायज कर रहे हैं।
ऑल इंडिया लार्यस यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष एडवोकेट दयानंद पंवार का कहना है कि किसानों को न्यायोचित मांग करना और प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है। किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें हटाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए प्रशासन ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। कई जगहों पर सुरक्षाबलों और किसानों के बीच टकराव भी देखने को मिल रहा है, यह उचित नहीं है।
दयानंद पंवार का कहना है कि किसान एक बार फिर अपना ‘दिल्ली कूच’ मार्च शुरू करने के लिए अंबाला के पास शंभू बॉर्डर सीमा पर इकट्ठा हुए हैं। जिसके चलते भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों के विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली तक मार्च करने के प्रयास में हरियाणा की सीमा पर बैरिकेड लगाना उचित नहीं है। किसान को अपनी न्यायोचित मांग करना और प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में सरकार लोकतंत्र का गला घोट रही है।

