भिवानी के कोंट रोड स्थित दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का अनूठा उदाहरण पेश किया। यह आयोजन जे.ई. बिजेश और सुमन जावला की 26वीं शादी की सालगिरह के अवसर पर किया गया। नवदुर्गा सेवा सहयोग संस्था द्वारा इस मौके पर निशुल्क कोचिंग क्लास के छात्रों और श्रद्धालुओं को पौधे वितरित किए गए।
हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
मंदिर प्रबंधक उर्मिला सैनी ने कहा, “पौधे लगाना न केवल पर्यावरण की हरियाली बढ़ाता है, बल्कि जीवन के लिए ऑक्सीजन का स्रोत भी है। हर व्यक्ति को पर्यावरण सुरक्षा में योगदान देना चाहिए।”
वर्षगांठ को बनाया पर्यावरणमय

इस मौके पर बिजेश और सुमन जावला ने अपने संबोधन में कहा, “पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। अगर हर घर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण दे सकते हैं।” उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पौधारोपण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
निशुल्क कोचिंग छात्रों ने लिया जिम्मेदारी का संकल्प
कार्यक्रम में निशुल्क कोचिंग क्लास के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी देखभाल का भी संकल्प लिया। श्रद्धालुओं को औषधीय और छायादार पौधे वितरित किए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ का संदेश भी दिया गया।

फिजूल खर्ची छोड़कर हरियाली अपनाने का आह्वान
पार्षद विनोद प्रजापति और संस्था के संस्थापक सुरेश सैनी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “शादी जैसे आयोजनों में फिजूलखर्ची के बजाय पौधे लगाना एक शानदार विचार है। यह पहल आने वाले समय में समाज में बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।”

नवदुर्गा सेवा सहयोग संस्था की इस पहल ने विवाह की वर्षगांठ को यादगार बनाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया। यह कदम न केवल जागरूकता बढ़ाने का काम करेगा, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करेगा कि वे हरियाली और स्वच्छता की ओर कदम बढ़ाएं।