उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह 2025 ‘यशस्वी भव:’ में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने ग्रामीण अंचल की 400 से अधिक मेधावी बेटियों को डिग्रियां व स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया।
इस गरिमामय अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ भी मौजूद रहीं। संस्थान के संस्थापक चौ. अभय सिंह चौटाला, राज्यमंत्री रणवीर गंगवा, विधायक आदित्य चौटाला सहित कई गणमान्य अतिथि कार्यक्रम का हिस्सा बने।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नए सफर की शुरुआत है अपने प्रेरणादायक संबोधन में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दीक्षांत को ‘नए अवसरों की नींव’ बताते हुए छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि यह शिक्षांत नहीं, बल्कि भविष्य की नई उड़ान का आरंभ है। असफलता से डरना नहीं चाहिए, बल्कि हर चुनौती को अवसर में बदलना सीखना चाहिए।
उन्होंने चौधरी देवीलाल को अपना राजनीतिक गुरु बताते हुए उनके ग्रामीण विकास में योगदान को ऐतिहासिक बताया। साथ ही, उन्होंने छात्राओं को अपने माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करने की प्रेरणा दी।
उपराष्ट्रपति ने माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण भारत में बेटियों की शिक्षा का अग्रदूत करार दिया। उन्होंने संस्थान के संस्थापक चौ. अभय सिंह चौटाला को ‘शिक्षा का प्रहरी’ कहते हुए उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में धनखड़ ने संस्थान के शिक्षकों और विद्यार्थियों को संसद भवन आने का आमंत्रण दिया। इस दौरान चौ. अभय सिंह चौटाला, डॉ. सुदेश धनखड़, राज्यमंत्री रणवीर गंगवा और संस्थान की प्रबंध निदेशक डॉ. कुलदीप कौर ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।







