जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में हरियाणा के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मौत
शादी के बाद दोनों का यूरोप हनीमून प्लान था लेकिन वीजा न लग पाने
1 मई को जन्मदिन था और परिवार इस मौके पर पार्टी की तैयारी कर रहा था
8 दिन पहले हुई थी शादी, पत्नी हिमांशी के सामने हुई फायरिंग
हमले में 27 टूरिस्टों की मौत, लश्कर-ए-तैयबा ने ली जिम्मेदारी
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में हरियाणा के करनाल निवासी नेवी अफसर लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की जान चली गई। 26 वर्षीय विनय की आठ दिन पहले ही गुरुग्राम की हिमांशी नरवाल से शादी हुई थी। हनीमून के लिए गए दोनों पति-पत्नी बैसारन घाटी में घूम रहे थे, जब अचानक आतंकियों ने विनय पर गोली चला दी। उनकी पत्नी हिमांशी हमले में बाल-बाल बच गईं।
घटना के दौरान हिमांशी अपने पति के साथ भेलपुरी खा रही थीं। एक वीडियो में हिमांशी कहती नजर आ रही हैं कि “एक आदमी आया और बोला कि ये मुस्लिम नहीं है, फिर गोली मार दी”। हमले की जानकारी मिलने के बाद विनय का परिवार जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गया है और आज उनका पार्थिव शरीर करनाल लाया जा सकता है।
विनय मूल रूप से भुसली गांव के रहने वाले थे और करनाल के सेक्टर-7 में परिवार संग रहते थे। बीटेक करने के बाद वह तीन साल पहले नेवी में लेफ्टिनेंट बने थे और कोच्चि में तैनात थे। उनके पिता राजेश कुमार पानीपत में कस्टम विभाग में सुपरिंटेंडेंट हैं। विनय की पत्नी हिमांशी PHD कर रही हैं और ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाती हैं।
शादी के बाद दोनों का यूरोप हनीमून प्लान था लेकिन वीजा न लग पाने के कारण यह कैंसिल हुआ और 21 अप्रैल को वे जम्मू-कश्मीर रवाना हो गए। विनय का 1 मई को जन्मदिन था और परिवार इस मौके पर पार्टी की तैयारी कर रहा था।
मंगलवार को हुए हमले में कुल 27 लोगों की जान गई है, जिनमें एक इटली और एक इजराइल का टूरिस्ट भी शामिल है। मृतकों में हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक शामिल हैं। लश्कर-ए-तैयबा ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है।
प्रशासन ने शुरुआत में एक मौत की पुष्टि की थी, लेकिन कुछ घंटों बाद न्यूज एजेंसियों ने बताया कि 27 पर्यटकों की जान गई है और 20 से अधिक घायल हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और निगरानी के लिए हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। अनंतनाग और श्रीनगर पुलिस ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि पर्यटकों को सहायता मिल सके।

