Kisan Andolan 2 Live Updates

Kisan Andolan 2 : किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ का बड़ा ऐलान, सरकार से आज वार्ता के बाद क्या होगी किसानों की रणनीति!

कैथल बड़ी ख़बर हरियाणा

Kisan Andolan 2 Live Updates : संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की ओर से मांगों को लेकर 13 फरवरी को दिल्ली कूच के ऐलान के बाद आंदोलन जारी है। हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर किसान मोर्चा संभाले तैयार हैं। खनौरी बॉर्डर से किसानों नेताओं के साथ अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि यह मोर्चे लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। हरियाणा और पंजाब के किसानों की भागीदारी लगातार तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश में पुलिस का दबाव लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन जल्द मिलकर एक रणनीति तैयार करेंगे। जिसके अनुसार सभी किसानों को आज की बैठक के बाद आगे बढ़ना है।

किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ का आरोप है कि किसान नेताओं के घरों में लगातार पुलिस प्रशासन की ओर से रेड मारी जा रही है। यहां तक कि किसानों को खेतों में भी जाने नहीं दिया जा रहा है। इसके बावजूद किसान लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जींद-रोहतक रोड पर रोहतक के किसानों ने इकट्ठे होकर बड़ा धरना लगा दिया है और अन्य जगहों पर भी धरने प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व और किसानों के बीच पिछली बैठक में जो तय हुआ है, उसी उम्मीद पर दुनिया कायम है। किसानों को उम्मीद है कि जो उनकी जायज मांगें है, सरकार उनका जल्द हल निकाले और उन्हें पूरा करे। उन्होंने कहा कि जल्द ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की बैठक में एक कड़ा फैसला लिया जाएगा। जिसे सरकार के साथ बैठक के बाद सभी के साथ साझा किया जाएगा।

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अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि 15 फरवरी को सरकार के साथ हुई बैठक में एक अन्य मुद्दे को भी रखा गया है। जिसमें अलग-अलग राज्यों जैसे हरियाणा, कर्नाटक, गुजरात और पंजाब से जिन किसानों को बंदी बनाया गया है। जिसके उपर झूठे मुकद्में दर्ज किए गए हैं। सरकार उन पर संज्ञान लेकर जल्द उन्हें रिहा करने का काम करे। उन्होंने देश के किसानों से आह्वान किया कि हमें उस फैसले और रणनीति के अनुसार ही आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि किसानों को अनुशासन में रहकर शांतिपूर्ण ढंग से इस मोर्चे को फतेह करना है।

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इस दौरान भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघ से जरनैल सिंह चहल ने किसान यूनियनों के अलग-अलग मतभेद पर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि किसान यूनियनों में कोई मतभेद नहीं हैं। सभी की मांगें एक हैं और सभी एकमत होकर सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। पहले स्वामीनाथन की रिपोर्ट पर कोई मतभेद नहीं था और अब एमएसपी कानून बनाने पर कोई मतभेद नहीं है। इसके अलावा दर्ज किए गए पर्चों को रद्द करवाने पर भी कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार किसानों को बांटने के लिए ऐसा कदम उठा रही है, जबकि किसानों में आपसी कोई मतभेद नहीं है। लगातार ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से किसान इस मोर्चे में शामिल हो रहे हैं।

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शंभू बॉर्डर पर किसान पहले से ज्यादा संख्या में एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहर रह रहे किसानों से भी उनकी अपील है कि वह दोनों संगठनों की रणनीति के साथ ही आगे बढ़ने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार रास्तों को बंद करके कितने ही इंतजाम कर लें, लेकिन किसान अपनी मांगों को बिना पूरा करवाए पीछे नहीं हटेगा। पहले सरकार ने वादा किया था कि स्वामी नाथन रिपोर्ट को लागू किया जाएगा। इसके अलावा किसानों के कर्जे माफ किए जाएंगे, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। अब तीसरे दौर की बैठक में सरकार कह रही है कि तीसरी बार सरकार बनने दो, इसके बाद किसानों की मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। ऐसे में किसान संगठनों का मानना है कि अगर सरकार ने आज की बैठक में फैसला नहीं लिया तो किसानों की अगली बैठक दिल्ली में ही होगी।