यूपीएससी ने वीरवार को तीन सीनियर आईपीएस के नाम हरियाणा सरकार को सौंप दिए हैं। अब सरकार को तय करना है कि डीजीपी पद पर पैनल में आए तीनों नाम में से किसे बिठाया जाए। यह निर्णय सीएम मनोहर लाल को करना है, लेकिन एक बात साफ है कि तीनों में से किसी भी नाम को डीजीपी के लिए फाइनल किया जाएगा, वह सरकार की आगे की रणनीति भी तय करेगा।
जहां तक सीनियोरिटी की बात है, आरसी मिश्रा तीनों में सबसे सीनियर है। उनका कार्यकाल जून 2024 तक बचा है, कम समय अवधि उनके लिए प्लस और माइनस दोनों बनी हुई है।
एक ओर सरकार का मानना है कि क्यों न आरसी मिश्रा को डीजीपी पद पर तैनात किया है। दूसरी ओर सरकार सरकार इस बात पर भी मनन कर ही है कि जब कार्यकाल एक साल से भी कम है तो क्यों उन्हें इस पद पर बैठाया जाए। आरसी मिश्रा अभी हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में एमडी के पद पर कार्यरत है। आईसी मिश्रा एक गैर विवादित अधिकारी रहे हैं, जो उनका प्लस प्वाइंट बन कर सामने आ रहा है।
अकिल मोहम्मद की केंद्र में जाने की भी चल रही चर्चा
आईपीएस अकिल मोहम्मद अकील के नाम पर मीडिया और सरकारी गलियारों में चर्चा भी नहीं हो रही है। इनका कार्यकाल दिसंबर 2025 तक है। क्या सरकार उन्हें डीजीपी पद पर बिठाएंगी, इस पर हर किसी की नजर टिकी हुई है। हालांकि उनके केंद्र में जाने की चर्चा भी चल रही है। आईपीएस अकिल मोहम्मद भी गैर विवादित अधिकारी रहे हैं। वह किसी तरह की लॉबी से दूर रहे हैं। कार्यकाल की बात करे तो आईपीएएस शत्रुजीत कपूर का अक्टूबर 2026 तक है।
सरकारी पक्ष डीजीपी के पद पर आईपीएस शत्रुजीत कपूर को चाहता है
डीजी एंटी करप्शन ब्यूरो( एसीबी) में रहते हुए शत्रुजीत कपूर ने रिश्वत के आरोप में कई बड़े अधिकारियों तक को पकड़ा है। भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्यवाही का हिमायती सरकारी पक्ष डीजीपी के पद पर आईपीएस शत्रुजीत कपूर को चाहता है। उनका मानना है कि इससे प्रदेश में कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, लेकिन दूसरा पक्ष ऐसा भी है, जो चाहता है कि शत्रुजीत कपूर इस पद पर न आए, क्योंकि इससे कुछ ऐसे लोगों को दिक्कत आ सकती है, जो किसी न किसी स्तर पर सत्ता और प्रशासन से जुड़े हुए हैं। बहरहाल अब अगले एक या दो दिन में कोई एक नाम सरकार की ओर से फाइनल हो जाएगा। इस नाम के तय होने से पुलिस सिस्टम पर सरकार की सोच व रणनीति का भी पता चलेगा।

