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क्या आप भी रखते हैं आलू फ्रिज में? एक्सपर्ट ने बताया बड़ा खतरा

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➤आलू दुनिया की सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जी
➤अंकुरित होने पर बनते हैं जहरीले तत्व सोलेनाइन और चाकोनाइन
➤सही स्टोरेज से बचा सकते हैं सेहत संबंधी खतरे

नई दिल्ली। यूनाइटेड नेशन के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के मुताबिक, आलू दुनिया की सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जियों में से एक है। यह कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। लेकिन एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि अगर आलू अंकुरित हो जाए, तो यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी के मुताबिक, अंकुरित आलू में ‘आंखें’ निकल आती हैं और कई बार यह हरे रंग का हो जाता है। ऐसा अक्सर लंबे समय तक स्टोर करने या रोशनी और नमी में रखने से होता है।

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क्यों जल्दी अंकुरित होते हैं आलू?
डॉ. तिवारी बताती हैं कि आलू जमीन के नीचे उगने वाली सब्जी है, जिसमें नमी और स्टार्च ज्यादा होता है। गर्म और नमी वाली जगह पर या प्याज-लहसुन के पास रखने से यह तेजी से अंकुरित होने लगता है। इन सब्जियों से निकलने वाली इथिलीन गैस अंकुरण को और तेज करती है।

क्या न्यूट्रिशन घटता है अंकुरित आलू में?
एक्सपर्ट कहती हैं कि जैसे-जैसे अंकुर निकलते हैं, आलू अपनी पोषक क्षमता अंकुर की ग्रोथ में खर्च करता है। विटामिन C और अन्य पोषक तत्व कम हो जाते हैं और स्टार्च शुगर में बदल जाता है, जिससे ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ता है।

सेहत पर क्या असर डालते हैं अंकुरित आलू?
नेशनल कैपिटल पॉइजन सेंटर के अनुसार, अंकुरित आलू में सोलेनाइन और चाकोनाइन जैसे टॉक्सिक तत्व बन जाते हैं। यह शरीर में जाकर मतली, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और यहां तक कि फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है।

कैसे करें आलू को सही तरीके से स्टोर?
एक्सपर्ट सुझाव देती हैं कि आलू को ठंडी, अंधेरी और हवादार जगह (7-10°C) पर रखें। फ्रिज में न रखें, क्योंकि ठंडक स्टार्च को शुगर में बदल देती है और स्वाद बिगाड़ती है। प्याज या नमी वाली सब्जियों के पास भी आलू न रखें। इन्हें पेपर बैग या जालीदार थैले में रखें और समय-समय पर खराब आलू अलग कर दें।

अंकुरित आलू को फेंकने की बजाय करें ये काम
डॉ. तिवारी कहती हैं कि खाने योग्य न रहने पर भी अंकुरित आलू बेकार नहीं है। इसे कंपोस्ट में डाल सकते हैं, रस बनाकर पौधों पर नेचुरल पेस्टिसाइड की तरह छिड़क सकते हैं या मिट्टी में लगाकर नए आलू के पौधे उगा सकते हैं।