- तंबाकू, शराब, खराब डाइट, सफाई में लापरवाही और HPV वायरस ओरल कैंसर के प्रमुख कारण हैं।
- मुंह में छाले, घाव, दर्द, निगलने में दिक्कत और चकत्ते इसके प्रमुख लक्षण हैं।
- तंबाकू से दूरी, संतुलित आहार, सफाई और वैक्सीन के ज़रिए ओरल कैंसर का रिस्क कम किया जा सकता है।
ओरल कैंसर, जिसे आमतौर पर मुंह का कैंसर कहा जाता है, एक गंभीर और तेजी से बढ़ती बीमारी है जो होंठ, जीभ, गालों की अंदरूनी परत, मसूड़े, तालू और गले तक को प्रभावित कर सकती है। भारत में यह खासकर पुरुषों में बहुत आम है और इसके कई कारण हैं जिन पर लोग आमतौर पर ध्यान नहीं देते।
सबसे प्रमुख कारणों में तंबाकू और धूम्रपान है। पान मसाला, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट आदि में मौजूद निकोटिन और कार्सिनोजेनिक तत्व मुंह के टिश्यू को नष्ट कर देते हैं, जिससे कैंसर बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके साथ ही अल्कोहल का सेवन भी इस खतरे को कई गुना बढ़ा देता है, खासकर जब दोनों चीजें साथ ली जाती हैं।
इसके अलावा पोषण की कमी, विशेषकर विटामिन A, C और E की, शरीर की सेल सुरक्षा को कमजोर कर देती है। वहीं, फल-सब्जियों की कमी और फास्ट फूड पर निर्भरता से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है।
मुंह की ठीक से सफाई न करना भी खतरनाक हो सकता है। दांतों में जमी गंदगी और बैक्टीरिया लंबे समय तक रहने पर क्रोनिक इंफेक्शन और बाद में कैंसर की स्थिति बना सकते हैं।
एक अन्य चिंताजनक कारण है HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का संक्रमण। यह वायरस मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंधों या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है और ओरल कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।
ओरल कैंसर के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- मुंह में घाव या छाला जो लंबे समय तक न भरे।
- सफेद या लाल रंग के चकत्ते या दाग।
- निगलने, चबाने या बोलने में परेशानी।
- आवाज में बदलाव या गले में लगातार खराश।
- मुंह से खून आना, दांतों का ढीला होना या गर्दन में गांठ।
इससे बचाव के लिए करें ये उपाय:
- तंबाकू और शराब का पूर्ण रूप से त्याग करें।
- प्रतिदिन फल और हरी सब्जियां खाएं, जिससे एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन की पूर्ति हो।
- मुंह और दांतों की नियमित सफाई करें, और हर 6 महीने में डेंटल चेकअप करवाएं।
- HPV वैक्सीन लगवाएं, खासकर युवाओं के लिए यह बहुत जरूरी है।
ओरल कैंसर से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है सावधानी और समय पर पहचान। यदि कोई लक्षण लंबे समय तक बना रहता है तो डॉक्टर से तुरंत जांच कराना बेहद जरूरी है।

