🌹दिनांक : 28 अगस्त 2023🌷
🌹 दिन – सोमवार🌷
🌹 विक्रम संवत – 2080🌷
🌹 शक संवत – 1945🌷
🌹 अयन – दक्षिणायन🌷
🌹 ऋतु – वर्षा ॠतु🌷
🌹 मास – श्रावण🌷
🌹 पक्ष – शुक्ल पक्ष🌷
🌹 तिथि – द्वादशी🌷
🌹 नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा🌷
🌹 योग – आयुष्मान🌷
🌹 सूर्योदय – सुबह 6:00 पर🌷
🌹 सूर्यास्त- शाम 6:45 पर🌷
🌹 प्रथम करण – बावा🌷
🌹 द्वितीय करण – बालवा🌷
🌹 दिशाशूल- पूर्व🌷
🌹 चंद्रराशि – धनु🌷
🌹 सूर्यराशि – सिंह🌷
🌹 शुभमुहूर्त – अभिजीत🌷
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🍇पंचांग की जरूरत :
पंचांग का उपयोग मुख्यत्वे, काल गणना, तिथि वार, व्रत, शुभ मुहूर्त, देखने के लिए पंचांग का उपयोग किया जाता है. ज्योतिष गाइड के दैनिक पंचांग में नक्षत्र, योग, करन सहित, शुभ-अशुभ समय, मुहूर्त, चंद्र बल, तारा बल पंचांग में आसानीसे उपलब्ध है। पंचांग का निर्धारण, ब्रम्हांड की गति पर निर्भर है. इसलिए जैसे जैसे पृथ्वी भ्रमण करती है, पंचांग समय क्षेत्र के अनुसार बदलता दिखाई देता है. इसलिए एक ही पंचांग अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग अलग हो सकता है, इसलिए सही पंचांग का समय निर्धारण के लिए, क्षेत्र को चुनना अति महत्वपूर्ण है।
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🍇नक्षत्र :
आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।
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🍇योग :
नक्षत्र की भांति योग भी 27 प्रकार के होते हैं। सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग कहा जाता है। दूरियों के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम – विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति।
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🍇करण :
एक तिथि में दो करण होते हैं। एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में। ऐसे कुल 11 करण होते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं – बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न। विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और भद्रा में शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।
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🍇विशेष :
श्रावण शुक्ल की द्वादशी तिथि और सोमवार का दिन है। द्वादशी तिथि 28 अगस्त को शाम 6:23 मिनट तक रहेगी। 28 अगस्त को सुबह 9:55 मिनट तक आयुष्मान योग रहेगा। साथ ही 28 अगस्त को देर रात 2:43 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। 28 अगस्त को प्रदोष व्रत किया जाएगा। साथ ही इस दिन सावन का आंठवां और आखिरी सोमवार भी है।
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🍇राशिफल : 🎍🍎🌷🍎🍇🍎🌷🍎🎍


🎍मेष राशि : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

मानसिक शान्ति रहेगी, अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार के लिए यात्रा लाभप्रद रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। व्यापार की स्थिति में सुधार होगा और नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। धैर्यशीलता में कमी आएगी। मित्रों से भेंट होगी।

🎍वृष राशि : (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

नौकरी में स्थान परिवर्तन की सम्भावना बन रही हैं, संयत रहें, आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। परिवार की सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकते हैं। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। रहन-सहन में कठिनाइयां आ सकती हैं। पारिवारिक जीवन कष्टमय रहेगा। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिश्रम अधिक रहेगा।

🎍मिथुन राशि : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

मन में नकारात्मकता से बचें, मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। सेहत का ध्यान रखें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, परन्तु धैर्यशीलता में कमी रहेगी। आय में कमी एवं खर्चों में अधिकता की स्थिति रहेगी। बातचीत में संयत रहें। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं।

🎍कर्क राशि : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो)

मन अशान्त रहेगा, परिवार की समस्याओं पर ध्यान दें। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। कुटुम्ब की किसी बुजुर्ग महिला से धन प्राप्त हो सकता है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ सकती हैं।

🎍सिंह राशि : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे और पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। व्यक्तिगत समस्याएं परेशान कर सकती हैं। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। नौकरी में इच्छाविरुद्ध कार्यभार बढ़ सकता है। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे।

🎍कन्या राशि : (ढो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

मन में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है एवं परिवार का साथ मिलेगा। किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यर्थ की समस्याओं से परेशान रहेंगे। वस्त्रों एवं गहनों के प्रति रुझान बढ़ेगा, किसी पुराने मित्र से भेंट भी हो सकती है। सुस्वाद खानपान में रुचि बढ़ सकती है।

🎍तुला राशि : (र, री, रू, रे, रो, ता, ति, तू, ते)

धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें, परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन सुख में कमी आएगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी।

🎍वृश्चिक राशि : (तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू)

मन प्रसन्न रहेगा, शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। पिता के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। सन्तान को कष्ट हो सकता है। अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आलस्य की अधिकता रहेगी। कार्यक्षेत्र में समस्याएं आ सकती हैं।

🎍धनु राशि : (य, यो, भा, भि, भू, ध, फा, ढ, भे)

अपनी भावनाओं को वश में रखें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं। उच्च शिक्षा के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कुटुम्ब-परिवार में मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। नौकरी में परिवर्तन की सम्भावना बन रही हैं।

🎍मकर राशि : (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें, पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। सेहत का ध्यान रखें। खर्च भी बढ़ेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। कला एवं संगीत में रुचि बढ़ सकती है। किसी पुराने मित्र से पुनःसंपर्क हो सकता है। नकारात्मक विचारों का प्रभाव हो सकता है।

🎍कुम्भ राशि : (गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द)

मन प्रसन्न रहेगा, आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि भी होगी। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। परिवार के साथ धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है।

🎍मीन राशि : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची)

शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा, दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आत्मविश्वास में कमी आएगी। नौकरी में किसी विशेष कार्य से विदेश प्रवास के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी। चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

(पं. देवनारायण उपाध्याय, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य, पानीपत)


