भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव के बाद जहां वीरवार को ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने पत्रकारवार्ता के दौरान कुश्ती से सन्यास लेने की घोषणा की थी। वहीं अब शीर्ष पहलवान एवं ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से बजरंग पूनिया ने पहलवानों की मांगें नहीं सुनी जाने के चलते पद्मश्री पुरस्कार वापस लौटाने की बात कहीं है। देश के शीर्ष पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष को लेकर नाराज हैं।
बजरंग पूनिया ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में घोषणा की है कि मैं अपना पद्मश्री पुरस्कार प्रधानमंत्री को वापस लौटा रहा हूं। पूनिया ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि आपकी भारी व्यस्तता के बीच वह उनका ध्यान कुश्ती पर दिलवाना चाहते हैं। आपको ज्ञात होगा कि इसी वर्ष जनवरी माह में देश की महिला पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर काबिज बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। जब महिला पहलवानों की ओर से आंदोलन की शुरुआत की गई तो वह भी उनमें शामिल हुए, लेकिन हमारी बहन-बेटियों को आज तक न्याय नहीं मिला।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 की शुरुआत से भारतीय शीर्ष पहलवानों का एक तबका भारतीय कुश्ती महासंघ में अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की चल रही मनमानी और तानाशाही को लेकर विरोध कर रहा है। बृजभूषण पर महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का भी आरोप है। बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह भाजपा से सांसद है और करीब 12 वर्ष तक भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं।

इसके बाद पहलवानों के आंदोलन के चलते उन्हें महासंघ से अध्यक्ष का पद छोड़ना पड़ा। हालांकि पहलवानों का पिछले 11 महीने से चल रहा आंदोलन पूरी तरह बेअसर रहा। हालांकि वीरवार को अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठाए गए नवनियुक्त अध्यक्ष संजय सिंह भी उनके खेमे के ही हैं। यही कारण है कि बजरंग पूनिया ने अपना पुरस्कार लौटाने का ऐलान किया है। इससे एक दिन पहले ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक भी कुश्ती से सन्यास लेने का ऐलान कर चुकी हैं।

बता दें कि वीरवार को भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव के बाद पहलवानों के आंदोलन के पूरी तरह बेअसर रह जाने के बाद और केंद्र सरकार द्वारा महिला पहलवानों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देने के बाद साक्षी मलिक कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ इस आंदोलन का नेतृत्व बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ही कर रहे थे। जनवरी से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में अब तक बहुत कुछ घटा है।
बजरंग पूनिया ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में यह भी बताया है कि बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर महिला पहलवानों ने अपना आंदोलन शुरू किया तो वह भी उसमें शामिल हुए। आंदोलनरत पहलवान जनवरी माह में अपने घर लौट गए, इस दौरान सरकार ने उन्हें ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके 3 महीने बीत जाने के बाद भी जब बृजभूषण पर एफआईआर तक नहीं की गई, तब पहलवानों ने अप्रैल में दोबारा सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया। जिससे दिल्ली पुलिस बृजभूषण शरण सिंह पर एफआईआर दर्ज कर सके। फिर भी पहलवानों की सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें कोर्ट में जाकर एफआईआर दर्ज करवानी पड़ी।

