Uttarakhand News : उत्तराखंड के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि राज्य के उधम सिंह नगर में नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे के डेरा कार सेवा प्रमुख को गोली मारने वाले व्यक्ति को उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। 28 मार्च को बाइक पर आए सरबजीत सिंह और अमरजीत सिंह ने मंदिर परिसर में बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे के डेरा कार सेवा प्रमुख एक कुर्सी पर बैठे थे, जब पीछे बैठे शूटर ने उन्हें राइफल से गोली मार दी। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमिंदर डोभाल ने कहा कि मुठभेड़ हरिद्वार में कलियर रोड और भगवानपुर के बीच हुई। उन्होंने कहा कि अमरजीत सिंह पर 16 से अधिक मामले दर्ज थे, जिसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया।
कारसेवा प्रमुख की हुई थी हत्या
बता दें कि पिछले महीने सिखों के तीर्थ स्थल नानकमात्ता साहिब गुरुद्वारे के कारसेवा प्रमुख की हत्या की खबर आई थी। उन्हें दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की यह घटना थी जिसमें कारसेवा डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। उनकी हत्या सूबह करीब 6 बजे की गई थी। पुलिस ने बताया था कि घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्ट्ररों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उत्तराखंड पुलिस ने हत्याकांड को चुनौती के रुप में लिया
आज तड़के मीडिया से बातचीत में अमरजीत सिंह की मौत की घोषणा करते हुए उत्तराखंड के DGP अभिनव कुमार ने बताया कि अपराधी का एक साथी भाग गया है और अधिकारी उसकी तलाश कर रहे हैं। DGP ने कहा उत्तराखंड पुलिस ने बाबा की हत्या को एक चुनौती के रूप में लिया था और STF व पुलिस लगातार दोनों हत्यारों की तलाश कर रही थी। अगर अपराधी उत्तराखंड में इस तरह के जघन्य अपराध करेंगे तो पुलिस उनसे सख्ती से निपटेगी।” बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में पांच लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर में नामित लोगों में दो हमलावर
एफआईआर में नामित लोगों में दो हमलावर सरबजीत सिंह और अमरजीत सिंह है। आईएएस अधिकारी हरबंस सिंह चुघ, जो नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रमुख हैं, बाबा अनूप सिंह और एक क्षेत्रीय सिख संगठन के उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह संधू शामिल हैं। सूत्रों ने बताया था कि सरबजीत सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड था और उसे पहले एक ऐसे व्यक्ति का हाथ काटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसने कथित तौर पर बिना हाथ धोए गुरु ग्रंथ साहिब को छुआ था। मामले की जांच के लिए विशेष कार्य बल और स्थानीय पुलिस के कर्मियों को शामिल करते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

