महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण मामले में सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्यवाही की मांग पर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के बारे में आई इस खबर ने देश के खेल जगत में खलबली मचा दी है।
ओलिंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को एशियाई खेलों में सीधे एंट्री मिल गई है। उन्हें सीधी एंट्री देने का फैसला भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने किया है।
अजीब बात ये है कि खिलाड़ियों को सीधी एंट्री देने का निर्णय राष्ट्रीय मुख्य कोच की सहमति के बिना लिया गया है। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) द्वारा नियुक्त समिति ने इस बारे में बताया है कि इन दोनों खिलाड़ियों को पहले ही पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा और महिलाओं की 53 किग्रा में पहलवानों की श्रेणी में चयनित कर लिया गया है।
बता दें कि इन खिलाड़ियों के चयन के बावजूद अभी भी छह वजन श्रेणियों में ट्रायल होना बाकी है। एशियन गेम्स के लिए बनाई गई तदर्थ समिति ने परिपत्र में बजरंग और विनेश का नाम नहीं रखा है। पैनल के सदस्य अशोक गर्ग ने दोनों पहलवानों को ट्रायल से छूट दिए जाने की पुष्टि की है।
गर्ग ने कहा कि बजरंग और विनेश को छूट दी गई है। बजरंग 65 किग्रा वर्ग के चुनौती पेश करते हैं। बजनंग पुनिया इस समय किर्गिस्तान के इस्सिक-कुल में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
बजरंग के अलावा एशियाई खेलों (2018) में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहलवान फोगट हंगरी के बुडापेस्ट में प्रशिक्षण ले रही हैं।
क्यों हो रहा सीधी एंट्री का विरोध
देश के नामचीन पहलवान और ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त ने भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी के फैसल पर सवाल उठाए हैं। आईएओ एडहॉक कमेटी का गठन भारतीय कुश्ती संघ के भंग करने के बाद हुआ था।
खिलाड़ी अंतिम पंघाल एशियाई खेलों में वीनेश फोगाट को सीधे भेजा जा रहा है। उन्होंने एक साल से कोई अभ्यास नहीं किया है। मैंने 2022 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।
एशियाई खेलों में जाने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप लड़ेंगे और जो वहां जीतेगा वही ओलंपिक में जाएगा। इससे हमारी मेहनत का क्या होगा। हमें यह जानना है कि उन्हें किस बेस पर भेजा जा रहा है?

