लखनऊ में मंगलवार रात दो मंजिला मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे तभी घर में रखे दो सिलेंडर फट गए। इसमें पति-पत्नी और तीन बच्चों की मौत हो गई। बचाव में लगे चार और लोग झुलस गए। विस्फोट से मकान की छत ढह गई। दीवार टूट गयी है। पुलिस और फायर सर्विस कर्मियों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जले हुए लोगों को बचाकर ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। इनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना काकोरी इलाके के हाता हजरत साहब की है।

मिली जानकारी के अनुसार मकान मुशेर अली (50) का है। इसमें उनके परिवार और रिश्तेदारों समेत 20 लोग रहते थे। जरदोजी का काम घर पर ही होता था। मंगलवार रात करीब 11 बजे दूसरी मंजिल पर आग लग गई। हादसे में मुशीर, उनकी पत्नी हुस्ना बानो (45), उनकी भतीजी राया (5) और दो भतीजी हिबा (2) और हुमा (3) जिंदा जल गईं। मुशीर की बेटियां इंशा (16) और लकाब (18), बहनोई अजमत (30) और भतीजी अनम (17) आग में फंसकर झुलस गईं। घायलों को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

फायर सर्विस के जवानों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने विस्फोट सुना और बाहर आकर देखा कि मुशी के घर से आग की लपटें निकल रही हैं और लोग चिल्ला रहे हैं। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच के मुताबिक मुशी के घर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। जब मुशीर और उसका परिवार आग बुझाने की कोशिश कर रहा था, तभी सिलेंडर फट गया।

घर में मुशीर के अलावा उसके भाई पप्पू, बब्बू और बबली तथा बहनोई अजमत का परिवार रहता था। घर में जरदोजी की फैक्ट्री भी लगाई गई है। जिसे सारा परिवार मिलकर चलाता था। यह भी बताया जा रहा है कि पटाखों का उपयोग घरों में किया जाता है। जिसके लिए यहां बारूद रखा गया था। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

