लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस पार्टी ने भाजपा की मोदी सरकार के सामने जातीय गणना पर निशाना साधा है। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शासित प्रदेशों में जातीय जनगणना करवाई जाएगी। सीडब्ल्यूसी ने एकजुट होकर देश में जातीय गणना करवाने के समर्थन में फैसला लिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह एक प्रोग्रेसिव स्टेप है और हमारे मुख्यमंत्री भी इस बारे में विचार कर एक्शन की तैयारी में हैं। उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में 4 घंटे तक जातिगत जनगणना पर चर्चा की गई है। जिसमें कांग्रेस के सभी मुख्यमंत्रियों ने निर्णय लिया है कि राजस्थान, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश में जातिगत जनगणना को आगे बढ़ाएंगे। उन्हें उम्मीद है कि एक-दो पार्टी को छोड़कर इंडिया गठबंधन भी इसका समर्थन करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जातीय जनगणना कराने में अक्षम हैं। वह केवल मुद्दे को भटकाना चाहते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आज दो हिंदुस्तान बन रहे हैं। एक अदाणी और दूसरा सबके लिए, इसलिए कांग्रेस सत्ता में आने पर जातीय जनगणना और आर्थिक सर्वे कराएगी।
कांग्रेस का दावा इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां करेंगी समर्थन
राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस के चार मुख्यमंत्री हैं, इनमें से तीन ओबीसी हैं। वहीं भाजपा के 10 मुख्यमंत्री हैं, उनमें से एक ओबीसी हैं, जो मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद नहीं रहेंगे। राहुल गांधी ने कहा कमरे में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था, जिसने अपना पूरा समर्थन जातीय जनगणना की अवधारण को न दिया हो।
वहीं कांग्रेस का दावा है कि इंडिया गठबंधन की सभी राजनीतिक पार्टियां जातीय जनगणना का समर्थन करेंगी। साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि भाजपा पर दबाव डालकर उनसे भी जातीय जनगणना करवाई जाएगी। अगर भाजपा इस कार्य को नहीं करती है तो उसे एक तरफ हो जाना चाहिए, क्योंकि जातीय जनगणना पूरे देश की मांग है।
कांग्रेस जो वादा करती है, उसे पूरा करके दिखाती है
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो वादा करती है, उसे पूरा भी करके दिखाती है। जातिगत जनगणना के बाद विकास का एक नया रास्ता खुलेगा। हिंदुस्तान के भविष्य के लिए जातिगत जनगणना जरूरी है। कांग्रेस पार्टी इस काम को पूरा जरूर करेगी।
वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हमने स्थायी पिछड़ा वर्ग आयोग के वर्तमान अध्यक्ष से रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस सरकार निश्चित रूप से इसे प्रकाशित करेगी।
सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने कहा था कि वह जातिगत जनगणना के विचार का पूरी तरह समर्थन करती हैं। यह उनकी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वह जातिगत जनगणना के विषय पर 100 प्रतिशत साथ हैं।
भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, बोलीं जातीय जनगणना पर समाज को बांटने की कोशिश
कांग्रेस की बैठक के बाद भाजपा ने कांग्रेस को घेरा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जातीय जनगणना की आड़ में समाज को बांटने और राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल पहले यह बताएं जब दशकों से कांग्रेस सत्ता में थी, तब जाति गणना क्यों नहीं करवाई गई? उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि क्या यह सच नहीं है कि उनके नेता राजीव गांधी ने मंडल कमीशन के तहत केंद्र सरकार की नौकरियों में पिछड़ों के लिए 27 फीसदी आरक्षण का विरोध किया था? जातीय जनगणना का संवैधानिक अधिकार केवल केंद्र को है। राहुल केवल भ्रामक बात कर रहे हैं।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के जरिये ओबीसी समुदाय तक पहुंच बनाएं। भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोगों तक पहुंचने की योजना बना रही है। इस समुदाय में विश्वकर्मा योजना के लगभग 80 प्रतिशत लाभार्थी हैं। अमित शाह ने योजना के माध्यम से ओबीसी समुदाय तक पहुंचने का मंत्र दिया।
उधर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस झूठ व भ्रम फैलाने की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। राहुल स्वयं ओबीसी समाज के बड़े नेताओं को जाति के नाम पर गाली देते रहे हैं। ऐसे में उन्हें कुछ भी कहने से पहले अपना और पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड देखना चाहिए। जनगणना का कार्य केंद्र सरकार का है। इससे राज्य सरकारों का कोई लेना देना नहीं है। यह हकीकत उन दलों व नेताओं को भी पता है, जो जाति जनगणना पर बयानबाजी कर रहे हैं। भाजपा सामाजिक समरसता और सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर विश्वास रखती है।

