India Operation Ajay : इजरायल-हमास की जंग के बीच भारत ने वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए ऑपरेशन अजय चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत शुक्रवार को 212 भारतीयों का जत्था वापस अपने वतन सुरक्षित लौट आया है। युद्धग्रस्त इलाके से सुरक्षित भारत पहुंचे लोगों का एयरपोर्ट पहुंचने पर स्वयं केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने स्वागत किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह इजरायल के लोगों के लिए दुखद समय है। प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति का नतीजा है कि हम भारतीयों को स्वदेश वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से लेकर फ्लाइट के एक-एक क्रू मेंबर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हर प्रयास कर आपको आपके परिवार से मिलवाएगी। आप इजरायल में भारतीय दूतावास से संपर्क बनाकर रखें।
इजराइल-हमास जंग के बीच भारत सरकार ने इजराइल में फंसे अपने नागरिकों को एयरलिफ्ट करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह छात्रों सहित करीब 212 भारतीय नागरिकों को लेकर एअर इंडिया की फ्लाइट दिल्ली पहुंची। दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सभी का स्वागत किया। भारतीय समय के अनुसार इजराइल के डेविड बेनगुरिअन एयरपोर्ट से गुरुवार देर रात 12:44 बजे फ्लाइट ने भारत के लिए उड़ान भरी थी।

इजराइल में फिलहाल रह रहे 18 हजार भारतीय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने वीरवार को बताया था कि इजराइल में फिलहाल करीब 18 हजार भारतीय, जबकि वेस्ट बैंक में करीब एक दर्जन और गाजा में तीन से चार भारतीय रह रहे हैं। हमास आतंकवादियों द्वारा गत शनिवार को इजराइल पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। जिसके परिणामस्वरूप स्वदेश वापसी के इच्छुक लोगों को वापस लाने के लिए भारत ने ऑपरेशन अजय की शुरुआत की है। शुक्रवार को वापस लौटे भारतीय जत्थे का केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने स्वागत करते हुए शीर्ष मंडल सहित फ्लाइट के क्रू मेंबरों का आभार जताया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री कुछ लोगों से हाथ मिलाते हुए दिखाई दिए।
भारत लौटे यात्रियों ने साझा किए अपने विचार
इजराइल से लौटे भारतीय दल के कुछ यात्रियों ने अपने विचार भी साझा किए। पश्चिम बंगाल निवासी और इजराइल के बीरशेबा में बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ द नेगेव में पीएचडी कर रहे एक छात्र ने बताया कि वह अस्थायी शिविरों में रह रहे थे। इजराइली सरकार ने हर जगह शिविर बनाए हुए थे, इसलिए वह सुरक्षित थे।
एक अन्य छात्र ने बताया कि उन्होंने शनिवार को सायरन की आवाजें सुनीं। जब हमले होते थे, वह आवाज सुन सकते थे। इजराइली अधिकारी सभी को एहतियात बरतने के दिशा-निर्देश दे रहे थे। लगातार हमले हो रहे थे। अब वह घर वापस आकर खुश हैं, लेकिन इजराइल में फंसे अन्य साथियों के लिए मन अभी भी दुखी है।
पश्चिम बंगाल की एक महिला ने बताया कि इजराइल में फिलहाल स्थिति काफी खराब और अस्थिर है। सामान्य जीवन मानो ठहर सा गया है। लोग काफी डरे हुए हैं और गुस्से में भी हैं। उन्होंने कहा कि जब वह वापस लौट रहे थे तो उन्होंने सायरन की आवाजें सुनीं। ऐसे में उन्हें शिविर में भी जाना पड़ा।

क्या है ऑपरेशन अजय और इसका उद्देश्य
बता दें कि भारत ने ऑपरेशन अजय अभियान उन भारतीयों को सुविधाजनक वापस लाने के लिए शुरू किया है, जो जो स्वदेश वापस लौटना चाहते हैं। बता दें कि सप्ताहांत में हमास आतंकवादियों ने इजराइली शहरों पर किए गए सिलसिलेवार हमलों से क्षेत्र में नया तनाव उत्पन्न हो गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने वीरवार को पत्रकारवार्ता में बताया था कि चार्टर्ड उड़ान के आज शाम तेल अवीव पहुंचने की उम्मीद है। यह शुक्रवार सुबह भारतीयों के पहले जत्थे को वापस लाएगा। साथ ही हर स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।
इजराइली सेना चीफ ने माना वह हमास के हमले को रोकने में रहे नाकाम
वहीं इजराइल की सेना ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि वह 7 अक्तूबर को हुए हमास के हमले को रोकने में नाकाम रहे। इजराइली सेना चीफ के अनुसार लोगों की रक्षा करना सेना का काम है, लेकिन हम इसमें नाकाम रहे। ये हमारे लिए सीख है। अब समय जंग का है। साथ ही इजराइल ने गाजा के लोगों से कहा है कि वह गाजा सिटी खाली कर दें। 24 घंटे में वादी गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनी वहां से हट जाएं। वहां रहने वाले लोग उनके दुश्मन नहीं है। वह केवल हमास का खात्मा करना चाहते हैं।

यूएन ने की इजराइल से आदेश वापस लेने की अपील
इजराइल के इस आदेश पर यूएन के प्रवक्ता का कहना है कि इस इलाके में 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। यह गाजा की आधी आबादी है। इन्हें इतने कम समय में वहां से हटने का आदेश देना उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा है। इससे मानवीय संकट पैदा होगा। यूएन ने अपील की है कि इजराइल इस आदेश को वापस ले।

