भारत में मौसम का मिजाज इन दिनों कुछ मिला-जुला नजर आ रहा है। कहीं हल्की बारिश से मौसम खुशनुमा है तो कहीं चिलचिलाती धूप ने लोगों की परेशानी को बढ़ा रखा है। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश होने की उम्मीद है। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 13-14 अप्रैल को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों और अरब सागर से आने वाली उच्च नमी के कारण इस सप्ताह के अंत में उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश में 13 से 15 अप्रैल के बीच गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। साथ ही बिजली कड़कने, ओलावृष्टि होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

आईएमडी का कहना है कि चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ पवन के रूप में पश्चिम ईरान पर स्थित है। मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ पवनों में एक और चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 72 अंश पूर्व देशांतर के साथ 32 अंश उत्तरी अक्षांश तक फैला है। 13 से 15 अप्रैल के दौरान अरब सागर से उत्तर पश्चिम भारत में उच्च नमी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत में किसानों को जल्द से जल्द पकी हुई फसलों, फलों और सब्जियों की कटाई करने और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने या खेतों में कटी हुई उपज के ढेर को तिरपाल से ढंकने का सुझाव दिया है। मौसम कार्यालय ने जम्मू कश्मीर के किसानों को जल जमाव से बचने के लिए खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
आईएमडी की मानें तो 13 से 15 अप्रैल के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना है। जिसकी तीव्रता शनिवार और रविवार को चरम पर हो सकती है। आईएमडी ने तेज हवाओं से फसलों को नुकसान होने और ओले गिरने से खुले में मौजूद लोगों और मवेशियों के चोटिल होने की चेतावनी भी जारी की। उसका कहना है कि तेज हवाओं से कच्चे मकानों की दीवारें और झोपड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है।

