पेपर लीक कांड के मास्टर माइंड सिर्फ हरियाणा में ही अपना कमाल नहीं दिखाते, बल्कि उनका कमाल इसरो की परीक्षा में भी नजर आया है। यहां भी नकल माफिया ने सारे इंतजाम को ताक पर रखकर नकल को अंजाम दे दिया। माफिया अपनी इस करतूत में कामयाब हो भी जाता, लेकिन मामला इसरो का था, इसलिए पकड़ में आ गया।
इसरो की परीक्षा में नकल के आरोप में हरियाणा के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। केरल पुलिस मामले में कोचिंग सेंटर की भूमिका की भी जांच करेगी। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा में अभ्यार्थियों की जगह किसी और से परीक्षा दिलवाने व नकल करवाने के लिए विशेष रूप से तैयार इलेक्ट्रानिक उपकरण का इस्तेमाल किया गया। विशेष रूप से तैयार इस इलेक्ट्रानिक उपकरण में ईयरपीस व मोबाइल फोन के कैमरा लेंस का इस्तेमाल किया गया। जिसकी पुष्टि तिरुअनंतपुरम के पुलिस आयुक्त नागराजू चकीलम की ओर से मंगलवार को की गई है।
मेडिकल कॉलेज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई शिकायत
पुलिस आयुक्त नागराजू चकीलम ने बताया कि इसरो की ओर से आयोजित परीक्षा में नकल करने के आरोप में हरियाणा से दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले रविवार को इस मामले में दो लोगों को पकड़ा जा चुका है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ कल देर रात मेडिकल कॉलेज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई। एक अधिकारी के अनुसार दोनों पर उम्मीदवारों को नकल कराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि सभी गिरफ्तार किए गए लोग एक ही टीम से संबंध रखते हैं। यह सभी एक साथ यहां आए थे। वहीं रविवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
शर्ट में बटन के लिए बनाई गई थी विशेष काज
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपियों ने विशेष रूप से तैयार इलेक्ट्रानिक उपकरण, ईयरपीस व मोबाइल फोन के कैमरा लेंस का इस्तेमाल किया। कैमरा लेंस, ईयरपीस और दूसरे स्थान पर मौजूद व्यक्ति को विशेष उपकरण से जोड़ा गया था। वहीं आरोपियों की ओर से पहनी गई शर्ट में बटन के लिए विशेष काज बनाई गई थी, ताकि उनमें कैमरा लेंस फिट किए जा सकें।

राष्ट्रीय स्तर पर हर एंगल से होगी मामले की जांच
नागराजू चकीलम ने बताया कि इसरो की परीक्षा के नकल मामले में शामिल आरोपियों की तैयारियों से संकेत मिलते हैं कि वह पहले भी इस तरह के अपराध को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस आयुक्त ने यह भी बताया कि मामले की जांच न केवल तकनीक आधारित होगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी की जाएगी। इसके तहत यह जांचना आवश्यक होगा कि क्या अतीत में अन्य राज्यों में भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने बताया कि अपराध में बड़े पैमाने पर धन का उपयोग किया गया है।
कई दिन पहले फ्लाइट से पहुंचे थे आरोपी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह इस बात से साबित होता है कि आरोपी परीक्षा के कई दिन पहले फ्लाइट से तिरुअनंतपुरम पहुंचे। वह एक संगठित अपराध का हिस्सा हैं। चकीलम ने बताया कि भर्ती परीक्षा में बैठने और नकल करने के मामले में अब तक गिरफ्तार चारों आरोपी हरियाणा प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए जांच यह पता लगाने पर भी केंद्रित होगी कि राज्य के कोचिंग सेंटर भी अपराध में शामिल तो नहीं थे।

