झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले मामले में आज प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईडी ने बड़गई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन घोटाला मामले में सोरेन से पूछताछ करनी है। सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन को 3 फरवरी को 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया था, जो आज समाप्त हो रही है। उनके वकीलों ने कैंप जेल में उन्हें रखने की मांग की है, क्योंकि वे पूर्व मुख्यमंत्री हैं और कई शारीरिक समस्याओं से पीड़ित हैं। ईडी ने कहा है कि सोरेन द्वारा पूर्णतः संतुष्ट करने वाले जवाब नहीं मिले, कई सवाल बाकी हैं और इसलिए उन्हें और पूछताछ की आवश्यकता है। ईडी कोर्ट से सोरेन की रिमांड को बढ़ाने की अपील कर सकती है। पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को ईडी द्वारा पांच दिनों तक पूछताछ के दौरान बड़गई अंचल की 8.5 एकड़ जमीन के मामले में सवालों का सामना करना पड़ा है। सोरेन ने ईडी के सवालों का जवाब देते समय कई बातों का इंकार किया है। ईडी ने कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं, जैसे कि बड़गाई अंचल की बरियातू स्थित जमीन किसके कब्जे में है, जमीन खरीदने के लिए पैसा कहां से आया या जुटाया गया और सोरेन के पास कुल कितनी चल और अचल संपत्ति है।

12वें मुख्यमंत्री के तौर पर ली थी शपथ
हालांकि चंपई में हुई गिरफ्तारी के बाद ही हेमंत सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। चंपई के साथ कांग्रेस के आलमगीर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता ने मंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार ने 5 फरवरी को बहुमत साबित किया। घटना के बाद सोरेन को फिर से ईडी की कस्टडी में ले लिया गया था। जिसके बाद सोरेन को होटवार जेल में रखा गया। ईडी के अधिकारी पांच दिनों तक हेमंत सोरेन से पूछताछ करते रहे, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष जानकारी नहीं निकाली जा सकी।

जमीन में अपनी भूमिका से सोरेन कर रहे इंकार
अब तक हुई पूछताछ के दौरान बड़गई अंचल की जिस जमीन को लेकर सवाल-जवाब किए गए, हेमंत सोरेन ने उसमें अपनी भूमिका से इंकार किया है। उन्होंने ईडी से कहा कि उस जमीन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। साफ तौर पर दिख रहा हैं कि हेमंत सोरेन के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गतिविधियों में भी बदलाव आया है। इस समय सोरेन को ईडी की पूछताछ के दौरान कैंप जेल में रखा जा रहा है।

