Jharkhand पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की भाभी और विधायक सीता सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया है। घटना हेमंत सोरेन के जेल जाने के 48 दिन बाद हुई। जिसके बाद चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध चल रहा था। चर्चा है कि सीता सोरेन भाजपा में शामिल हो सकती है।
बता दें कि सीता सोरेन जेएमएम के सुप्रीम शिबू सोरेन की बड़ी बहू हैं। इसके अलावा वह दुमका के जामा से 3 बार विधायक रही हैं और पार्टी की केंद्रीय महासचिव भी हैं। सीता सोरेन ने शिबू सोरेन को इस्तीफा भेजा है, कहते हुए कि उनके परिवार के खिलाफ साजिश रची जा रही है। सीता सोरेन के इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि उनके स्वर्गीय पति दुर्गा सोरेन के निधन के बाद से ही उनका परिवार लगातार उपेक्षा का शिकार रहा है।

उन्हें लगता है कि पार्टी में अलगाव हो रहा है और पार्टी के नेतृत्व में बदलाव हो रहा है, जिससे उनका दुख हो रहा है। सीता सोरेन ने शिबू सोरेन के प्रयासों का भी उल्लेख किया, लेकिन उन्हें लगता है कि उनके परिवार के खिलाफ भी साजिश रची जा रही है। इसके बाद उन्होंने अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

झारखंड में वर्तमान परिस्थितियां बुरी : प्रतुल शाहदेव
सीता सोरेन के इस्तीफे के बाद बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने उनका समर्थन किया और कहा कि उनका अपमान हुआ है। उन्होंने बताया कि सीता के इस्तीफे से साफ है कि झारखंड में वर्तमान परिस्थितियां बुरी हैं। कल्पना सोरेन ने जेएमएम के स्थापना समारोह में अपनी सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी, लेकिन 15 दिन बाद उनकी जेठानी सीता सोरेन ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

सीता सोरेन पर पहले भी लग चुके आरोप
वहीं पार्टी नेता मनोज पांडे ने सीता सोरेन के इस्तीफे पर विचार करने की अपील की है, कहते हुए कि वे पार्टी की महत्वपूर्ण अंग हैं और उन्हें अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यह पहली बार नहीं है कि सीता सोरेन पर कोई आरोप लगा है। 2012 में उन्हें नोट फॉर वोट का आरोप लगा था, लेकिन 2014 में झारखंड हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया था। इस परिस्थिति में सीता सोरेन ने इस्तीफा दे दिया है और उनके भविष्य के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं।



