Madhya Pradesh BJP Observer : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए मध्यप्रदेश का ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। अब वह मध्यप्रदेश में कुर्सी के हकदार का चयन करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के लक्ष्मण और ओबीसी मोर्चा राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम आए 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश में कुर्सी का हकदार कौन होगा, इस पर कोई निर्णय सामने नहीं आया है। मध्यप्रदेश में किसे नया मुख्यमंत्री बनाया जाए, इस बात का हल निकालने के लिए भाजपा ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है।
भाजपा ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए चयन की जिम्मेदारी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण और राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त कर उनके कंधों पर छोड़ दी है। गौरतलब है कि नवंबर माह में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे जारी कर दिए गए हैं। इनमें 3 राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा ने बहुमत हासिल कर अपना परचम लहराया है। वहीं तेलंगाना में कांग्रेस ने अपना पंजा जमाते हुए सरकार बनाई है। 3 राज्यों में बहुमत हासिल करने के बाद अब तक भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा नहीं की है। विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद चल रही बैठकों के बीच भाजपा ने आज तीनों राज्यों के पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है, जो विधायक दल के नेता का चयन करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए मध्यप्रदेश का ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।

वहीं भाजपा के महासचिव अरुण सिंह ने पत्र जारी करते हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जानकारी साझा की है। बताया जा रहा है कि यह भाजपा नेता मध्यप्रदेश में विधायकों से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार के नाम की घोषणा की जाएगी। जिसको पहले केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व रिपोर्ट पर आखिरी फैसला लेने के बाद विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के नाम की घोषणा करेगा। बता दें कि तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री पद के चयन के लिए भाजपा ने प्रक्रिया को शुरू कर दिया है, जल्द मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का नाम सबके सामने होगा।

भाजपा ने सीएम का चेहरा जारी किए बिना लड़ा विस चुनाव
गौरतलब है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद पर शिवराज सिंह चौहान के काबिज होने के बावजूद मुख्यमंत्री का चेहरा जारी किए बिना विधानसभा का चुनाव लड़ा। अब जब भाजपा ने 3 राज्यों में बहुमत के साथ जीत हासिल कर ली है, तब भी मुख्यमंत्री पद पर रार सामने आ रही है।

बताया जा रहा है कि पार्टी के अंदर बढ़ रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। चुनाव संपन्न होने के साथ भाजपा के पास 5 में से 3 राज्यों में बहुमत भी है। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व के सामने मुख्यमंत्री को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल को फायदेमंद हो सकता है केंद्र का भरोसा
माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ऑब्जर्वर बनाकर दी गई यह जिम्मेदारी कई तरीकों से खास मानी जा रही है। इस बड़ी जिम्मेदारी मिलने के पीछे उनकी साफ-सुथरी छवि को भी वजह माना जा रहा है। बता दें कि कई विशेष मौकों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी और दोस्त बताया है।

यह दूसरी बार है जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल हरियाणा की जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। अगले वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के साथ ही हरियाणा विधानसभा चुनाव भी करवाए जा सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर केंद्र सरकार का भरोसा आगामी चुनाव में भी उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

मध्यप्रदेश में कौन माना जा रहा मुख्यमंत्री का दावेदार?
फिलहाल समय तक मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में शिवराज सिंह चौहान को ही देखा जा रहा है। वहीं भाजपा ने इस बार कई सांसदों को विधायकी का चुनाव लड़वाया था। ऐसे में नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद सिंह पटेल की भी मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी बढ़ गई है। उनके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
भाजपा ने कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय को भी विधानसभा चुनाव लड़वाया। माना जा रहा है कि वह भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य के आदिवासी मतदाताओं को लुभाना चाहती है। ऐसे में भाजपा के लिए राज्य के ओबीसी सांसद सुमेर सिंह सोलंकी भी मुख्यमंत्री के रूप में एक विकल्प बनते नजर आ रहे हैं।

