तीन प्रदेशों में बारिश का तांडव, 24 घंटे में 50 की मौत, शिमला में शिव मंदिर से निकाले 9 शव, सोलन में एक परिवार के 7 लोगों की मौत

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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे के अंदर भूस्खलन, बादल फटने और बारिश के चलते अलग-अलग घटनाओं में 50 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना में ढाई दर्जन से ज्यादा लोगों के लापता व दबे होने की आशंका है। मौसम विभाग की ओर से 16 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

सूत्रों के अनुसार मंडी में 19, शिमला 14, सोलन 10, सिरमौर में 4, हमीरपुर, 1 कांगड़ा 1 और चंबा में 1 सहित कुल 50 लोगों 24 घंटे में मौत हो गई है। भारी बारिश के चलते तबाही का मंजर जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार आपदा के कारण प्रदेश में 752 सड़कों को बंद कर दिया गया है। वहीं उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।

कालका-शिमला रेल मार्ग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त

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ऑरेंज अलर्ट के बीच बारिश से तबाही का दौर जारी फिलहाल जारी है। सीएम सुखविंद्र सिंह की ओर से आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। कालका-शिमला रेल मार्ग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। 119 साल से अधिक पुराने कालका-शिमला रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन रूक गया है। शिमला के कई क्षेत्रों में 20 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

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भूस्खलन के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने शिमला के समरहिल में शिव मंदिर के पास हुए बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहना है कि जान बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। फंसे हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पहाड़ी क्षेत्रों में कई दिनों से भारी बारिश का दौर जारी है। जिसके कारण हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के कंडाघाट उपमंडल की ममलीग उप-तहसील के गांव ज़डौण में देर रात डेढ़ बजे बादल फट गया था। जिससे दो घर और एक गौशाला बह गई। मोरनी पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते भूस्खलन की घटना हुई। जिससे पहाड़ों का सारा मलबा सड़कों पर आ गया। ऐसे में सड़कों पर आवाजाही रूक गई है।

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जड़ाना में भी बारिश का कहर, मंदिर में भूस्खलन

बारिश के चलते ग्राम पंचायत जड़ाना के ईश्वर सिंह का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके सदस्यों को सुरक्षित घर से बाहर निकाल लिया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला में सोमवार को भारी बारिश के कारण समर हिल इलाके में एक शिव मंदिर ढह गया। मंदिर में भूस्खलन में दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

पहाड़ी क्षेत्र मोरनी में भूस्खलन

हरियाणा के पंचकूला में 2 दिन से लगातार रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते पंचकूला में पहाड़ी क्षेत्र मोरनी की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्ते भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं। बता दें कि मोरनी इलाके में हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। वहीं कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से पहाड़ का सारा मलबा सड़कों पर आ गया है। रास्ते बंद होने की वजह से स्थानीय लोग अपने घरों में कैद है। मोरनी से हिमाचल प्रदेश, पंचकूला, रायपुररानी और से कालका का मार्ग बंद होने से मोरनी इन सभी जगह से कट गया है। फिलहाल प्रशासन मलबा हटाने में जुटा हुआ है।

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बारिश के कारण सोलन के गांव ज़डौण में रतिराम और उसके बेटे हरनाम के दो मकान भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। हरनाम का मकान पुरी तरह से नष्ट हो गया है। हादसे के दौरान हरनाम के मकान में 4 और रतिराम के मकान में 9 लोग मौजूद थे। हादसे के बाद 5 लोगों को जिंदा निकाल लिया गया। वहीं गांव वालों और पुलिस की मदद से 7 लोगों के शव निकाले गए। मौका तक पहुंचने के लिए चारों तरफ से सड़क मार्ग बंद है। लोक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत के उपप्रधान की ओर से जेसीबी की मदद से रोड को खोलने का कार्य शुरु कर दिया है।

भारी बारिश ने मचाई तबाही, चार धाम यात्रा स्थगित

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते तबाही का मंजर बना हुआ है। कहीं घर टूट गए हैं तो कहीं खतरे के निशान के आसपास बह रही नदियों के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति के बारे में जानकारी ली। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के बारे में जाना। सीएम ने स्थिति को देखते हुए दो दिन के लिए चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्ट डालते हुए लिखा कि भगवान दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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लैंडस्लाइड में ढहा शिमला का शिव बावड़ी मंदिर
हिमाचल की राजधानी शिमला में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। समरहिल इलाके में स्थित शिव बावड़ी मंदिर भारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया। पूजा करने आए 25 से ज्यादा लोग मलबे में दब गए। अब तक 2 बच्चों समेत 6 शव निकाले जा चुके हैं। बाकी की तलाश जारी है।
स्थानीय लोगों की जुबानी लैंडस्लाइड की कहानी
स्थानीय निवासी किशोर ठाकुर ने बताया कि उनके 4 भतीजे भी मंदिर के अंदर फंसे हुए है। उन्होंने कहा कि मंदिर में हर साल 15 अगस्त को भंडारा होता है और आज सावन का अंतिम सोमवार है। इसलिए भी उनके भतीजे सहित मंदिर में छह-सात लोग खीर बनाने के लिए मौजूद थे।
शिव मंदिर में खीर बनाए आए नरेश ने बताया कि जब वह सुबह मंदिर आया था, तब यहां सब कुछ ठीक-ठाक था। वह कुछ सामान घर पर भूल गया। इसलिए मंदिर से वापस घर गया। जैसे ही दोबारा घर से मंदिर पहुंचा तबाही का मंजर उन्होंने अपनी आंखों के सामने देखा। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त मंदिर में दो कारपेंटर, एक नेपाली और कुछ लोग मौजूद थे। लोकल लोगों ने नेपाली को उसी वक्त मलबे से निकाल दिया। मगर कुछ लोग मंदिर के अंदर फंसे हुए है।
लैंडस्लाइड में फंसे लोगों को जल्द निकाला जाएगा : सीएम सुखविंदर सिंह
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाने के लिए काम कर रहा है। फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। सीएण के मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने कहा, 10 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है।