राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को जैसलमेर में ‘लखपति दीदी’ सम्मेलन में भारत के विकास के लिए महिलाओं को सशक्त करने की आवश्यकता पर बातचीत की। उनका कहना था कि सशक्त महिलाएं ही राष्ट्र को सशक्त बना सकती हैं और इसके लिए उन्हें ताकत, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण की जरूरत है। राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना को भी सराहा और महत्वपूर्ण बताया, जिसका लक्ष्य 11 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति बनाना है।
राष्ट्रपति ने इस मौके पर महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की और महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘लखपति दीदी’ योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य दो करोड़ से अधिक महिलाओं को लघु उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना था। इसमें कौशल विकास प्रशिक्षण भी शामिल था। राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी देश अपनी आबादी के 50 प्रतिशत को नजरअंदाज करके आगे नहीं बढ़ सकता है और सभी को मिलकर योजनाओं में भाग लेने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने भारत के लोगों से यह कहा कि हमें यह प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि हम अपने देश को स्वतंत्रता की शताब्दी में एक विकसित राष्ट्र के रूप में देखेंगे।

राष्ट्रपति ने अपनी जैसलमेर यात्रा के दौरान पोकरण फायरिंग रेंज में आयोजित एक एकीकृत गोलाबारी अभ्यास को देखा और भारतीय सेना की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने सैनिकों से बातचीत की और उनकी प्रतिबद्धता की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने राजस्थान के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में भी शामिल होकर वहां के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर देश की रक्षा में सैनिकों की प्रतिबद्धता की सराहना की।