सचिन तेंदुलकर को ब्लैंक चेक ऑफर कर रही थी एक तंबाकू कंपनी लेकिन उन्होंने पिता से किए वादे को निभाया
तेंदुलकर ने कहा- रोल मॉडल हूं, इसलिए कभी तंबाकू और शराब का प्रचार नहीं किया
1990 के दशक में उनके बल्ले पर कोई स्टिकर नहीं था, क्योंकि वे बिना कॉन्ट्रैक्ट के ही खेलते रहे
Sachin Tendulkar ethics: जहां आज के दौर के क्रिकेटर सिर्फ मैदान पर नहीं बल्कि टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर भी छाए रहते हैं, वहीं एक समय ऐसा भी था जब एक खिलाड़ी ने पैसा ठुकराकर उसूलों की मिसाल कायम की थी। हम बात कर रहे हैं भारत के महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर की, जिन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने एक तंबाकू कंपनी के विज्ञापन को न केवल ठुकरा दिया, बल्कि उस समय ब्लैंक चेक तक को लौटा दिया। तेंदुलकर ने बताया कि जब वह भारत के लिए खेलना शुरू कर रहे थे, तभी उनके पिता ने उन्हें हिदायत दी थी कि वह कभी भी तंबाकू से जुड़ी किसी चीज़ का प्रचार न करें। उन्होंने अपने पिता से किया यह वादा जिंदगी भर निभाया।
सचिन ने आगे कहा कि कंपनी उन्हें ब्लैंक चेक देने को तैयार थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि वह अपने आदर्शों से समझौता नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कहा, “मैं एक रोल मॉडल हूं और बहुत से लोग मेरे काम को सराहते हैं। यही कारण है कि मैंने कभी भी तंबाकू या शराब जैसे उत्पादों का विज्ञापन नहीं किया।” यही नहीं, 1990 के दशक में उनके बल्ले पर कोई स्टिकर नहीं होता था क्योंकि उन्होंने किसी भी ब्रांड से कॉन्ट्रैक्ट नहीं किया था! करोड़ों का आफर ठुकरा दिया।
गौरतलब है कि तेंदुलकर ने 2012 में वनडे क्रिकेट से और 2013 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके नाम 664 इंटरनेशनल मैचों में कुल 34,357 रन और 100 इंटरनेशनल शतक दर्ज हैं। यह रिकॉर्ड आज भी अटूट बना हुआ है और उनके आस-पास कोई भी खिलाड़ी नहीं पहुंच पाया है।