अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में गुरुवार दोपहर 2:20 बजे एक तेज भूकंप महसूस किया गया। जिससे पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी और भारत, जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक कई स्थानों में झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.1 थी और इसका केंद्र हिंदुकुश में जमीन से करीब 220 किलोमीटर नीचे था। अभी तक किसी तरह की कोई नुकसान की खबर नहीं आई है।
बता दें कि नेपाल में 4 नवंबर 2023 को 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 157 लोगों की मौत हुई थी, उस समय भी दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और बिहार की राजधानी पटना में भी झटके महसूस किए गए थे। भारत में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था। भूकंप क्यों होता है? बताया जाता है कि हमारी धरती की सतह बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी हैं, जो लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। इस टकराहट से प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं, जिससे नीचे से निकली ऊर्जा बाहर निकलती है और भूकंप होता है। नेपाल में 2015 में हुए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने काफी हानि मचाई थी। इसमें करीब 9 हजार लोगों की मौत हुई थी और काठमांडू के नीचे की ज़मीन दक्षिण की ओर 10 फीट तक खिसक गई थी। यह भूकंप 20 बड़े परमाणु बमों के समान शक्तिशाली था।

वहीं चीन में 1556 में हुए भूकंप में 8.30 लाख लोगों की मौत हुई थी। सबसे खतरनाक भूकंप का रिकॉर्ड चिली में है, जो 22 मई 1960 को हुआ था और इसकी तीव्रता 9.5 थी। इससे आई सुनामी ने दक्षिणी चिली, हवाई द्वीप, जापान, फिलीपींस, पूर्वी न्यूजीलैंड, दक्षिण-पूर्व ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में तबाही मचाई थी। इस बात का पता लगाया जा सकता है कि हमारी पृथ्वी पर ये प्राकृतिक प्रक्रियाएं कैसे काम करती हैं और इससे कैसे नुकसान हो सकता है।

