सुप्रीम कोर्ट ‘मोदी सरनेम’ मानहानि मामले में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई को टाल दिया गया है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस पीके मिश्रा की पीठ ने मामले पर सुनवाई की और सुनवाई को 5 अगस्त तक टाल दिया।
गुजरात हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की है।
क्या कहा राहुल ने अपनी अपील में
राहुल गांधी ने अपनी अपील में कहा है कि अगर सात जुलाई के गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे स्वतंत्र भाषण, अभिव्यक्ति, विचार और बयान का गला घोंट दिया जाएगा।
क्या था सारा मामला
राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में 13 अप्रैल 2019 को चुनावी रैली में कहा था, ”नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है।
2019 में मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में 23 मार्च को सूरत की सीजेएम कोर्ट ने राहुल को दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, कोर्ट ने फैसले पर अमल के लिए 30 दिन की मोहलत भी दी थी।
2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था, ‘कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?’ इसी को लेकर भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

