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🌹 दिनांक : 13 सितम्बर 2023🌷
🌹 दिन – बुधवार🌷
🌹 विक्रम संवत – 2080🌷
🌹 शक संवत – 1945🌷
🌹 अयन – दक्षिणायन🌷
🌹 ऋतु – शरद🌷
🌹 मास – श्रावण🌷
🌹 पक्ष – कृष्ण पक्ष🌷
🌹 तिथि – चतुर्दशी🌷
🌹 नक्षत्र – मघा🌷
🌹 योग – सिद्वध🌷
🌹 सूर्योदय – सुबह 6:09 पर🌷
🌹 सूर्यास्त – शाम 6:26 पर🌷
🌹 प्रथम करण – विष्टि🌷
🌹 द्वितीय करण – सकुना🌷
🌹 दिशाशूल- पश्चिम🌷
🌹 चंद्रराशि – सिंह🌷
🌹 सूर्यराशि – सिंह🌷
🌹 शुभमुहूर्त – अभिजीत🌷
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🍇पंचांग की जरूरत :
पंचांग का उपयोग मुख्यत्वे, काल गणना, तिथि वार, व्रत, शुभ मुहूर्त, देखने के लिए पंचांग का उपयोग किया जाता है. ज्योतिष गाइड के दैनिक पंचांग में नक्षत्र, योग, करन सहित, शुभ-अशुभ समय, मुहूर्त, चंद्र बल, तारा बल पंचांग में आसानीसे उपलब्ध है। पंचांग का निर्धारण, ब्रम्हांड की गति पर निर्भर है. इसलिए जैसे जैसे पृथ्वी भ्रमण करती है, पंचांग समय क्षेत्र के अनुसार बदलता दिखाई देता है. इसलिए एक ही पंचांग अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग अलग हो सकता है, इसलिए सही पंचांग का समय निर्धारण के लिए, क्षेत्र को चुनना अति महत्वपूर्ण है।
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🍇नक्षत्र :
आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।
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🍇योग :
नक्षत्र की भांति योग भी 27 प्रकार के होते हैं। सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग कहा जाता है। दूरियों के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम – विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति।
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🍇करण :
एक तिथि में दो करण होते हैं। एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में। ऐसे कुल 11 करण होते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं – बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न। विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और भद्रा में शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।
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पंचांग क्या है
पंचांग दैनिक ज्योतिषीय कैलेंडर है जो ग्रहों और सूक्ष्म स्थितियों के आधार पर चंद्र दिवस के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। इसमें पाँच विशेषताएँ शामिल हैं- तिथि (द लूनर डे), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चन्द्र मेंशन), योग (चन्द्र-सौर दिवस) और करण (आधा चन्द्र दिवस)। इन पांच विशेषताओं के आधार पर, ज्योतिषी किसी भी नए कार्य या हिंदू धार्मिक अनुष्ठान को शुरू करने के लिए मुहूर्त या शुभ समय का निर्धारण करते हैं और इसके साथ-साथ अशुभ समय को भी देखते हैं जिससे हर किसी को बचना चाहिए।
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🍇दैनिक पंचांग और उसका महत्व
प्राचीन ऋषियों और वेदों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, तो वह सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देता है और व्यक्ति को उसके कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद करता है। हिन्दू दैनिक पंचांग इस सौहार्द को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसके उपयोग से व्यक्ति को तिथि, योग और शुभ-अशुभ समयों में ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है। जिससे हम सूक्ष्म संचार के आधार पर उपयुक्त समय के बारे में जान सकते हैं और अपने समय और कार्य का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
ज्योतिषी लोगों को सुझाव देते हैं कि वे अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
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🍇राशिफल :
🎍मेष राशि : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

मन प्रसन्न रहेगा, परन्तु किसी अज्ञानभय से परेशान हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। नौकरी में विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से सम्पत्ति में निवेश कर सकते हैं। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। संबंधों में मधुरता आएगी। विवाद से दूर रहें।

🎍वृष राशि : (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमयी हो सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। खर्च बढ़ेंगे। वाणी में सौम्यता रहेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। मानसिक शान्ति रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सन्तान को कष्ट होगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य को लेकर चली आ रही परेशानियों से कुछ राहत मिल सकती है।

मिथुन राशि : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

नौकरी में कार्यक्षेत्र में सुधार होगा, परन्तु अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। यात्रा पर जाने के योग भी बन रहे हैं। व्यर्थ के झगड़े एवं विवादों से बचें। अचानक धन प्राप्ति होगी। मन में शान्ति एवं प्रसन्नता के भाव रहेंगे। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। खानपान के प्रति सचेत रहें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। मानसिक परेशानियां रहेंगी। खर्च की अधिकता भी रहेगी। कोई नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है।

🎍कर्क राशि : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो)

वाणी में मधुरता रहेगी, परन्तु मन परेशान हो सकता है, क्रोध से बचें। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, पिता का साथ मिलेगा। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव बढ़ेगा, धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है, मित्रों का साथ मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, पारिवारिक समस्याओं में कमी आएगी, माता-पिता का सहयोग मिलेगा, यात्रा पर जा सकते हैं।

🎍सिंह राशि : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

मन शान्त रहेगा। कला या संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। सुस्वादु खानपान में रुचि बढ़ सकती है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक या बौद्धिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। विपरीत परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। उपहार में वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ सकते हैं।

🎍कन्या राशि : (ढो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु संयत भी रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार में शान्ति बनाये रखने के प्रयास करें। भाइयों का साथ मिल सकता है। धैर्यशीलता बनाये रखें। किसी मित्र के सहयोग में कारोबार में परिवर्तन की संभावना बन रही हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। संचित धन में कमी आ सकती है। संतान के स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित हो सकता है।

🎍तुला राशि : (र, री, रू, रे, रो, ता, ति, तू, ते)

आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। पिता से धन प्राप्त होगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। आत्मसंयत रहे। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती हैं। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। आय की स्थिति में सुधार होगा। धैर्यशीलता में कमी आयेगी। सन्तान के दायित्व की पूर्ति होगी। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मन अशान्त हो सकता है।

🎍वृश्चिक राशि : (तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू)

नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यभार भी बढ़ेगा। सेहत का ध्यान रखें। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। वाणी में सौम्यता रहेगी। कारोबार के विस्तार में भाई-बहन का सहयोग मिल सकता है। नौकरी में उच्चपद की प्राप्ति हो सकती है। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में आशातीत सफलता के योग बन रहे हैं। मानसिक शान्ति बनाये रखने के प्रयास करें।

🎍धनु राशि : (य, यो, भा, भि, भू, ध, फा, ढ, भे)

पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भवन सुख की प्राप्ति होगी। परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा। मित्रों के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। कार्यक्षेत्र में समस्या बढ़ सकती हैं। बातचीत में सन्तुलित रहें। भाइयों के सहयोग से आय के साधन विकसित हो सकते हैं। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा।

🎍मकर राशि : (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

आलस्य अधिक रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। किसी पुराने मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में पश्रिम अधिक रहेगा। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। मन अशान्त रहेगा। स्वभाव में जिद्दीपन भी हो सकता है। परिवार की समस्या परेशान कर सकती है। अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। शासन सत्ता का सहयोग एवं सानिध्य मिलेगा। संबंधों में मधुरता रहेगी।

🎍कुम्भ राशि : (गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द)

आत्मविश्वास में कमी आयेगी। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग से लाभ के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी, परन्तु खर्च भी बढ़ सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। कारोबार में अवरोध आ सकते हैं। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सकीय खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षा एवं साक्षात्कारादि कार्यों में मनचाहे परिणाम मिलेंगे।

🎍मीन राशि : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची)

आशा-निराशा के भाव मन में हो सकते हैं। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। कारोबार के लिए यात्रा लाभप्रद रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धैर्यशीलता बनाये रखने का प्रयास करें। परिवार में आपसी मनमुटाव से बचें। बहन-भाइयों का साथ मिलेगा। धन की प्राप्ति होगी। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। व्यर्थ की चिंताओं से मन परेशान हो सकता है। मित्रों के साथ कोई नया कारोबार शुरू कर सकते हैं।

🎍(पं. दाऊजी महाराज, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य एवं श्री अवध धाम मंदिर संस्थापक पानीपत) 🎍
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