UP Cabinet Meeting : अयोध्या में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक शुरू हो चुकी है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी सुबह 11 बजे अयोध्या स्थित रामकथा पार्क पहुंचे। उनके नेतृत्व में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने हनुमानगढ़ी में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद रामलला के दरबार में पहुंचे।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में अयोध्या में पहली बार कैबिनेट बैठक हो रही है। अयोध्या में यूपी कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले राज्य मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि बैठक में उत्तर प्रदेश का विकास और कैसे हो, इस विषय पर ही चर्चा होगी। आज का पल ऐतिहासिक है, क्योंकि यहां कैबिनेट की बैठक हो रही है। यूपी के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि आज करीब 1000 साल बाद पीएम और सीएम ने अयोध्या का गौरव लौटाया है। यह शहर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल बनने जा रहा है। आज यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फैसले लिए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव कैबिनेट के सामने हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ कैबिनेट सहयोगियों के साथ पहुंचे अयोध्या
अयोध्या में होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकार आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर रामनगरी से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को विस्तार देगी। अयोध्या सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के जरिये धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। वहीं उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) तैनात किया गया है। यहां पहली बार राज्य कैबिनेट की बैठक हो रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ कैबिनेट बैठक के लिए मंत्रियों के साथ अयोध्या पहुंचे हैं।

9 नवंबर का दिन इसलिए है खास
बता दें कि अयोध्या में 9 नवंबर 1989 को श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास हुआ था। सर्वोच्च न्यायालय में सालों तक चले राम जन्म भूमि विवाद का फैसला भी 9 नवंबर 2019 को श्रीरामलला के पक्ष में आया था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में कुंभ मेला के दौरान प्रयागराज में भी मंत्रिपरिषद की बैठक की गई थी। तब मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने संगम में पुण्य स्नान भी किया था। इसके अलावा वाराणसी में भी कैबिनेट की बैठक हो चुकी है।
कैबिनेट बैठक में करीब 5 हजार करोड़ के रखे जाने हैं 25 प्रस्ताव
बता दें कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इससे पहले योगी अयोध्या में कैबिनेट बैठक करके बड़ा संदेश दे रहे हैं। आज कैबिनेट बैठक में करीब 5 हजार करोड़ के 25 प्रस्ताव रखे जाने हैं। लोकसभा चुनाव 2024 भी करीब है। रामलला के दर्शन के बाद योगी सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय कथा धाम में कैबिनेट बैठक में शामिल हुए हैं। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट बैठक के बाद प्रेसवार्ता भी करेंगे।
कैबिनेट बैठक में अयोध्या सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के जरिए धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। कैबिनेट बैठक में अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी मिल सकती है। बैठक से पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि हमारे विभाग से जुड़ा हुआ अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।
इन प्रस्तावों पर लग सकती है मोहर
अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद की स्थापना का प्रस्ताव भी पास होने की संभावना है।यूपी अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन का भी प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके जरिए अयोध्या को काशी होकर कोलकाता से जलमार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव है। देवीपाटन धाम तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। अयोध्या के माझा जमथरा गांव में भारतीय मंदिर वस्तुकला संग्रहालय बनना है। इसके लिए 25 एकड़ भूमि दिए जाने का प्रस्ताव आ सकता है। मुजफ्फरनगर के शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव भी पास हो सकता है। पर्यटन और विकास संबंधी 5 हजार करोड़ की योजनाओं पर मुहर लगने के आसार हैं।