हलका गन्नौर से निर्दलीय उम्मीदवार Devendra Kadian ने बुधवार को बेगा, बलिंदा गढ़ी, पीरगढ़ी, गन्नौर गांव समेत दर्जनों जगहों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने कादियान का फूलमाला, पगड़ी पहनाकर व ढोल नगाड़े बजाकर जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें भारी बहुमत से विजयी बनाने का आशीर्वाद दिया।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए देवेंद्र कादियान ने कहा कि गन्नौर में अब न्याय होगा। मेरे साथ हुई नाइंसाफी और विश्वासघात का बदला गन्नौर हलके की जनता अपनी वोट की चोट से लेगी। गन्नौर की 36 बिरादरी उनका चुनाव लड़ रही है, यही उनकी सफलता है। कादियान ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब चुनाव में एक दूसरे की मदद करने वाले आज खुद आमने-सामने है, उनका आमजन के हितों से कभी भी कोई सरोकार नहीं रहा और न जनता के सुख-दुख में शामिल हुए है।

आज चुनाव में ये हालात है कांग्रेस व बीजेपी प्रत्याशी आपस में मिले है। इनका मकसद है उनमें किसी की हार जीत हो जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन आपके बेटे-भाई को राजनीति में सहन नहीं कर पा रहे है। कादियान ने कहा कि साढ़े आठ साल तक गन्नौर हलके की जनता के बीच रहकर जनसेवा में अनेकों काम करके दिखाए है, जिसका हर वर्ग के लोगों को फायदा मिल रहा है। वह समाजसेवा से राजनीति में क्षेत्र में चहुंमुखी विकास करने का सपना लेकर आएं हैै।

गन्नौर क्षेत्र में सबसे पहले गरीब तबके व जरूरतमंद की सहायता करने के साथ लड़कियों की शिक्षा पर बेहतर कार्य करन का भरसक प्रयास कर रहे है और यह प्रयास भी रंग लाया है। हर साल बोर्ड परीक्षा में मेधावी छात्रों को स्कूटी, लैपटॉप, मोबाइल व साइकिल इत्यादि से सम्मानित करना, ये उनकी सोच को दर्शाता है। निशुल्क एंबुलेंस सेवा भी एक मुख्य प्रोजेक्ट है। मुझे किसी काम से खुशी मिले या न मिले कोई फर्क नहीं पड़ता, जब रात को सोने से पहले मोबाइल फोन में एंबुलेंस ग्रुप देखता हूं उसमें पता लगता कि आज कितने लोगों को एंबुलेंस सेवा मिली है।

ये सब देख मन को सुकून की अनुभूति होती है। मेरा जीवन अब मेरा नहीं है बल्कि हलके की जनता को पूरी तरह से समर्पित कर दिया है। कादियान ने कहा कि गन्नौर की तरक्की के रास्ते 5 अक्टूबर को यहां की जनता गैस सिलेंडर के निशान का बटन दबाकर खोलेगी। 8 अक्टूबर को वह दिन होगा, जब गन्नौर जीतेगा।

इस जीत के साथ ही यहां की समस्याओं के समाधान के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू होगा। इस अवसर पर संदीप सरपंच पीर गढ़ी, रोशन लाल, ब्रह्म, प्रेम प्रधान, चतरा कस्यप, ईश्वर कस्यप, इन्द्रपाल कस्यप, रामगोपाल पूर्व सरपंच, शमेगिरी गोस्वामी, जाग्राम पहलवान, करण सिंह भगत, ओमपर्कश शर्मा, सतीश मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।