Karnal : जयहिंद सेना प्रमुख डॉ. नवीन जयहिंद(Naveen Jaihind) ने एक बार फिर हजारों बेरोजगारों के साथ “बेरोजगारों की बारात” निकली | इससे पहले रोहतक और जींद में भी बेरोजगारों की बारात निकली जा चुकी। इस बार उन्होंने करनाल में बेरोजगारों के साथ ये बारात निकली और सरकार को अपना वायदा याद दिलाया। ये बारात करनाल के पुराने बस स्टैंड शुरू होकर पुरे शहर से होती हुई डीसी ऑफिस पहुंची, जहां नवीन जयहिंद और बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम युवाओं की प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
जयहिंद ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि आज वे बरोजगारों की बारात निकाल रहे है, क्योंकि प्रदेश में कोई भी भर्ती पूरी नहीं हो रही है। टीजीटी से लेकर cet तक सभी भर्तियों पर कोर्ट केस चल रहे है। आज ये सारे बेरोजगार बटेउ सरकार को अपना वायदा दिलाने के लिए आए है। जब पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि 50 हजार भर्तियां की जाएंगी और ग्रुप डी से पहले ग्रुप सी की भर्ती होगी। वे सरकार का धन्यवाद करते है कि उन्होंने रांडा पेंशन शुरू की, लेकिन सभी युवा तो रांडे नहीं रह सकते और न सारे रांडे मुख्यमंत्री या गृहमंत्री बन सकते है। पिहले 6 साल से कोई भी भर्ती पूरी नहीं हुई है। छोरे -छोरियों की शादी की उम्र निकल रही है। इनके बूढ़े मां-बाप परेशान है, इनकी शादी और नौकरी को लेकर।

जयहिंद ने आगे कहा कि करनाल में आज प्रदेश के हर जिले से हजारों पढ़े-लिखे युवा आए है। कोई टीजीटी, कोई cet ग्रुप 56-57, कोई ग्रुप डी, फायर ऑपरेटर, कोई सोसिओ इकोनोमिक के अंक तो कोई हरियाणा पुलिस की भर्ती की समस्या को लेकर आया हुआ है। इन सभी भर्तियो पर कोर्ट केस चल रहे है। कोर्ट में इन भर्तियों को लेकर 22 अप्रैल को ग्रुप 56-57 और सोसिओ इकोनोमिक को लेकर 23 अप्रैल को सुनवाई है, लेकिन इन तारीखों पर जाने का समय आता है, तो एजी साहब बीमार हो जाते है। वे एजी साहब को घी -दूध काजू -बादाम भेजने को तैयार है। उनकी सरकार से यही अपील है किसी दूसरे वकील को कोर्ट में भेजे और इन सभी भर्तियों को जल्द से जल्द कोर्ट केसों से बाहर निकलवाए, मजबूती से पैरवी कर निपटारा किया जाए और बेरोजगारों को नौकरी दी जाए।

भंडारे के सामान की तमाम सामग्री लेकर पहुंचे
वही जयहिंद अपने साथ भंडारे का सामान जैसे घिया, पेठा की सब्जी, पनीर, मसाले, आटा, सरसों का तेल, चावल, छोले सहित तमाम सामग्री लेकर पहुंचे और कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को भी भर्तियां पूरी करने पर उनके नाम से देशी घी के भंडारे का ऑफर दिया था। मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी यही ऑफर है। वे भर्ती पूरी करवाए और भंडारा करवाए, उन्हें अपनी सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री का वायदा जरुर पूरा करना चाहिए। पिछले कई दिनों से प्रदेश के सैकड़ों युवा नवीन जयहिंद के पास फोन करके और उनके तम्बू में पहुंचकर सरकार पर दबाव डलवाकर पिछली पेंडिंग भर्तियों को पूरा करवाने की अपील कर रहे हैं। जिसके चलते एक बार फिर जयहिंद ने अबकी बार रोहतक की बजाए करनाल की सड़को पर बेरोजगारों के लिए बेरोजगारों की बारात निकालने का निर्णय लिया हैं।

सरकार से हर मोर्चे पर जंग को तैयार
जयहिंद ने वही सरकार को भी अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे इन बेरोजगारों के हक की लड़ाई के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है। सरकार 4 जून तक इन सभी भर्तियों पर मजबूत पैरवी कर कोर्ट से बाहर निकलवाए और पूरी करें। अगर सरकार की नीयत उन्हें सही नहीं लगी तो उसके बाद इन बेरोजगारों के साथ मिलकर सरकार से हर मोर्चे पर जंग को तैयार है। बेरोजगारों का महाभारत के युद्ध होगा। वे इन बेरोजगारों के साथ तन-मन-धन से साथ है।
झलकियां :
– करनाल की सड़कों पर नवीन जयहिंद के नेतृत्त्व में निकली गई बेरोजगारों की बारात।
– हजारों युवा मोड़ बांध कर थिरकते नजर आये करनाल की सड़कों पर, सोनू मलिक मोखरा बने मुख्य दूल्हा।
– चिल्ड्रेन बैंक के उडाये गये पैसे, घोड़ी और रथ के साथ निकली गई बारात बनी करनाल में आकर्षण का केंद्र।
– जयहिंद के हाथों में भंडारे का सामान जैसे घिया, पेठा की सब्जी, पनीर,मसाले, आटा, सरसों का तेल, चावल, छोले सहित तमाम सामग्री।
हमारा किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं
पत्रकारों द्वारा जब जयहिंद से सवाल किया गया कि वे किसे सपोर्ट करते है, तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि वे बेरोजगारों को सपोर्ट करते है। ये बेरोजगार न तो किसी राजनीतिक दल से है और न इन्हें चुनाव लड़ना है। सरकार अपना वायदा पूरा करें और इनकी भर्ती कोर्ट केसों से निकालवा कर पूरी करें। इनकी कोई भी नई मांग नहीं है। पिछले 2 साल से ये युवा लाखों रूपये इन भर्तियों को कोर्ट से बाहर निकलवाने पर खर्च कर चुके है।
विपक्ष कर रहा है बेरोजगारों के नाम पर राजनीति
वही जयहिंद ने विपक्ष को भी घेरते हुए कहा कि आज जब इन युवाओं को सबसे ज्यादा सुपोर्ट की जरूरत है। इनकी आवाज उठाए वाले चाहिए, तो विपक्ष सड़क से गायब है। विपक्ष के नेता सिर्फ वोटों की राजनीति कर रहा है। इनकी हक की आवाज उठाने वाले नेता एसीयों में बैठकर वोट गिन रहे है।