Haryana में मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुआई वाली भाजपा सरकार ने 17 अक्टूबर को शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल में 13 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जिनमें से सबसे ज्यादा 5 मंत्री ओबीसी बिरादरी से हैं, जो भाजपा का कोर वोटबैंक माना जाता है।
जातीय समीकरणों का ध्यान
मंत्रिमंडल में शामिल चेहरों की जातीय पृष्ठभूमि के अनुसार, भाजपा अपनी गैर-जाट राजनीति पर आगे बढ़ने का इरादा रखती है। इस बार सैनी की कैबिनेट में अनुभवी नेताओं जैसे अनिल विज और श्याम सिंह राणा के साथ युवा चेहरे गौरव गौतम, आरती राव, और श्रुति चौधरी भी शामिल किए गए हैं।
भाजपा ने क्षेत्रीय समीकरणों और पावर बैलेंस को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का गठन किया। अहीरवाल बेल्ट से राव इंद्रजीत की बेटी को शामिल किया गया, जबकि उनके विरोधी राव नरबीर को भी मंत्री बनाया गया।
शपथ ग्रहण की रोचकता
शपथ ग्रहण समारोह में नायब सैनी समेत 13 मंत्रियों ने हिंदी में शपथ ली, जबकि श्रुति चौधरी अकेली मंत्री रहीं जिन्होंने अंग्रेजी में शपथ ली।
मंत्री बनने की वजहें
- नायब सैनी: केंद्रीय नेतृत्व की पसंद।
- अनिल विज: पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक।
- कृष्णलाल पंवार: दलित बिरादरी का बड़ा चेहरा।
- राव नरबीर: सीधे हाईकमान की पसंद।
- विपुल गोयल: अमित शाह की पसंद।
- महिपाल ढांडा: जाट बिरादरी के लिए प्रमुख चेहरा।
झटके और सफलताएँ
- कुलदीप बिश्नोई के करीबी रणधीर पनिहार मंत्री नहीं बन पाए।
- राव इंद्रजीत ने अहीरवाल क्षेत्र में अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को टिकट दिलवाए, लेकिन केवल उनकी बेटी आरती को मंत्री बनवा सके।
क्षेत्रीय समीकरण
भाजपा ने जीटी रोड बेल्ट पर ज्यादा ध्यान दिया, जहां से CM नायब सैनी के अलावा कई अन्य मंत्री बनाए गए हैं। बागड़ बेल्ट में भी भाजपा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जबकि अहीरवाल को कम तरजीह मिली।
परिवारवाद और नए चेहरे
मंत्रिमंडल में परिवारवाद की दृष्टि से आरती राव और श्रुति चौधरी शामिल हैं। नए चेहरों में राजेश नागर और गौरव गौतम शामिल हैं।
भाजपा की नई कैबिनेट में कुल 13 मंत्रियों में से कई चेहरे नए हैं, जबकि कुछ पुराने चेहरों को भी जगह दी गई है। यह स्पष्ट है कि भाजपा अपने रणनीतिक लक्ष्य के साथ हरियाणा की राजनीति में सक्रियता बनाए रखना चाहती है।







