Haryana Politics : लोकसभा चुनाव में विरोधियों की मदद करने के मामले में भाजपा में खींचतान जारी है। जिस पर लगाम लगाने के लिए प्रदेशाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कमान अपने हाथ में ले ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि यह बैठक मुख्यमंत्री ने प्रत्याशियों के फीडबैक मिलने के बाद बुलाई है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश के भाजपा लोकसभा प्रत्याशियों ने 5 भाजपा जिलाध्यक्षों का फीडबैक दिया था। इसमें पैसे की हेराफेरी से लेकर काम न करने और चुनाव में विरोधियों की मदद करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने अब शिकायतें मिलने के बाद सभी जिलाध्यक्षों को चंडीगढ़ तलब कर लिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री सैनी आज की बैठक में कोई सख्त संदेश दे सकते हैं। साथ ही वह सभी 5 जिलाध्यक्षों को खुद पद छोड़ने की बात भी कह सकते हैं। इनमें सिरसा, फतेहाबाद, जींद और हिसार के जिलाध्यक्ष शामिल हैं। फिलहाल एक जिले का नाम अभी साफ नहीं हुआ है।

बताया जा रहा है कि चुनावों में भाजपा को हराने का सपना देखने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की रिपोर्ट सरकार जिलाध्यक्ष के मार्फत लेकर उन पर जल्द कार्रवाई कर सकती है। सरकार इस मामले में कर्मचारियों पर कार्रवाई कर सकती है। इसमें नूंह में तबादला, डेपुटेशन पर भेजने और गृह जिले से दूर तैनाती जैसी कार्रवाई हो सकती है, ताकि अधिकारियों को सबक सिखाया जा सके। बता दें कि हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी से मुख्यमंत्री नायब सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर नाराज चल रहे हैं। उनकी यह नाराजगी लगातार लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिखाई भी दी थी। पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और अब मुख्यमंत्री नायब सैनी लगातार अधिकारियों को निशाने पर ले रहे हैं।

गौरतलब है कि 26 मई को पंचकूला में हुई बैठक के दौरान सोनीपत से भाजपा प्रत्याशी ने जींद जिलाध्यक्ष राजू मोर, हिसार से भाजपा प्रत्याशी रणजीत चौटाला ने आशा खेदड़, सिरसा से प्रत्याशी अशोक तंवर ने सिरसा और फतेहाबाद के जिलाध्यक्ष की शिकायत दी थी। इस दौरान प्रत्याशियों ने पैसे गबन से लेकर, निष्क्रियता, विरोधियों की मदद करना और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि मुख्यमंत्री तक यह शिकायतें पहले भी आ चुकी थी, लेकिन जब भाजपा प्रत्याशी बैठक में फीडबैक के रूप में लिखित में शिकायत देने को तैयार हो गए तो मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जल्द ही इन जिलाध्यक्षों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

इसके अलावा सबसे पहले भाजपा ने 26 मई को चंडीगढ़ में पार्टी प्रत्याशियों, लोकसभा प्रभारियों, संयोजकों और विस्तारकों की बैठक में प्रत्येक लोकसभा सीट का फीडबैक लिया। इसके बाद 27 मई को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने सिरसा और रोहतक सीट पर बोगस वोटिंग कराई है। जिन कर्मियों की मिलीभगत से बोगस वोटिंग हुई है, उनके खिलाफ 4 जून के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 4 जून के बाद सिरसा और रोहतक के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। बताया जा रहा है कि इसमें आईएएस और आइपीएस स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।

बता दें कि भाजपा ने चुनाव से पहले 18001038437 टोल फ्री नंबर जारी किया था। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति मतदान से संबंधित शिकायत दर्ज करवा सकता था। इस कंट्रोल रूम में बैठे भाजपा के कार्यकर्ता हर जिलों के हिसाब से बनाए व्हाट्सएप ग्रुप में एक्टिव रहे। इन शिकायतों के आधार पर चुनाव आयोग में शिकायत करने और ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी, जिन्होंने जान बूझकर मतदान धीमा करवाया और बोगस पोलिंग करवाई। सबसे ज्यादा शिकायत हिसार, सिरसा, सोनीपत, रोहतक, करनाल और कुरुक्षेत्र से पहुंची है।