Congress आलाकमान की दिल्ली में हरियाणा(Haryana) के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। बैठक में हरियाणा के 38 प्रमुख नेता शामिल हैं। बैठक की अध्यक्षता राहुल गांधी(Rahul Gandhi) और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे(Mallikarjun Kharge) कर रहे हैं। बैठक में राहुल गांधी पहले ही पहुंच चुके हैं और बैठक शुरू हो चुकी है। हरियाणा कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर आखिरकार कांग्रेस आलाकमान को अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी। बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने हरियाणा नेताओं को नसीहत दी कि हरियाणा में आपसी गुटबाजी छोड़कर विधानसभा चुनाव पर फोकस(Focus) करने की जरूरत हैं।
बता दें कि हरियाणा के 38 नेताओं के अलावा, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया भी बैठक में शामिल हो रहे हैं। बैठक में हरियाणा के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर बनाई गई रिपोर्ट पेश करेंगे। खड़गे और राहुल बैठक में कांग्रेस नेताओं को एकजुट होने का संदेश देंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी में गुटबाजी को समाप्त करना है।

बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा पर सबकी निगाहें टिकी हैं। बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल सामने की सीटों पर बैठे हैं। कुमारी सैलजा राहुल गांधी के बगल वाली सीट पर बैठी हैं जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा केसी वेणुगोपाल के पास बैठे हैं। हुड्डा के गुट के नेता और राज बब्बर भी इसी पंक्ति में बैठे हैं।
बीरेंद्र सिंह को शीर्ष 10 में मिली जगह
बैठक में 42 लोग शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस की बनाई सूची में बीरेंद्र सिंह को शीर्ष 10 में जगह मिली है। सूची में सैलजा से ऊपर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम है। दीपेंद्र हुड्डा से नीचे बीरेंद्र सिंह का नाम है। हिसार की बरवाला विधानसभा के पूर्व विधायक और भूपेंद्र हुड्डा के करीबी राम निवास घोड़ेला का नाम सबसे अंत में जोड़ा गया है।

फीडबैक में रिपोर्ट आई नेगेटिव
कल कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने हरियाणा के लोकसभा प्रत्याशियों के साथ चर्चा की। इस चर्चा में लोकसभा चुनाव को लेकर फीडबैक दिया गया। इस फीडबैक में भिवानी-महेंद्रगढ़, करनाल और हिसार को लेकर निगेटिव रिपोर्ट आई है। हिसार में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के बावजूद, भीतरघात पर सख्त फैसला लिया जा सकता है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में ऐसे लोगों के टिकट काट सकती है। इसके अलावा प्रत्याशियों के चयन और पांच हारी हुई लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पार्टी की कमियों पर भी चर्चा हो सकती है।
हुड्डा और शैलजा रख सकते है विचार
बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा अपने विचार रख सकते हैं। कुमारी सैलजा हुड्डा खेमे पर कमजोर प्रत्याशी उतारने, लोकसभा चुनाव की रणनीति में अनदेखी करने, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष पर पक्षपात करने और आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रत्याशियों के चयन में उन्हें शामिल करने की बातें सामने रख सकती हैं। भूपेंद्र हुड्डा लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली बढ़त, बढ़ा वोट प्रतिशत और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव में खुली छूट मिलने पर सरकार बनाने का मुद्दा रख सकते हैं।







