हरियाणा में करनाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा सोमवार को गुरुग्राम कोर्ट में पेश हुए। दिव्यांशु बुद्धिराजा पर खेड़की दौला टोल पर प्रदर्शन और टायर जलाने का आरोप लगाया गया है। जिस मामले में खेड़की दौला थाना में दिव्यांशु सहित 5 युवा कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में कोर्ट ने दिव्यांशु बुद्धिराजा को 50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी।
गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के करनाल लोकसभा प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा को पंचकूला की कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा था। उन पर यहां भगोड़े का केस था। जिसमें उन्हें गत दिनों जमानत मिल चुकी है। बता दें कि एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने जब राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज किया था तो यूथ कांग्रेस नेताओं ने देशभर में प्रदर्शन किया। इसी मामले में बुद्धिराजा पर खेड़की दौला टोल पर प्रदर्शन कर टायर जलाने का आरोप लगा था। इससे पहले दिव्यांशु बुद्धिराजा के खिलाफ पंचकूला में भगोड़ा होने का मामला सामने आया था। इसका बात का तब खुलासा हुआ, जब उन्हें कांग्रेस ने करनाल लोकसभा सीट से अपने प्रत्याशी के तौर पर चुनावी रण में उतारा।

बताया जाता है कि कोर्ट में पेश न होने की वजह से दिव्यांशु बुद्धिराजा पर यह मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में कांग्रेस प्रत्याशी हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली। बता दें कि लोकसभा चुनाव लड़ने का हवाला देकर दिव्यांशु के वकीलों ने याचिका की सुनवाई आगे टालने की मांग की। जिसे हाईकोर्ट ने कबूल कर लिया। उसके अगले ही दिन बुद्धिराजा ने पंचकूला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां से उन्हें जमानत मिल चुकी है। बता दें कि भगोड़ा केस उनके बेरोजगारी को लेकर मुख्यमंत्री के काफिले में घुसने की कोशिश करने और पोस्टर लगाने को लेकर दर्ज किया गया था।

कांग्रेस प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा का कहना है कि करनाल से भाजपा के उम्मीदवार मनोहर लाल ने खुद मुख्यमंत्री रहते हुए उनके खिलाफ 5 मुकदमे दर्ज करवाए। यह सब झूठे मामले हैं। इन्हीं में एक केस गुरुग्राम में दर्ज किया गया था। जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वह कोर्ट में पेश हुए हैं। दिव्यांशु बुद्धिराजा ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी मनोहर खट्टर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को इतना भी नहीं डराना चाहिए या उस पर इतना दबाव नहीं डालना चाहिए कि उसका डर ही खत्म हो जाए। दिव्यांशु का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले हरियाणा के लोगों और युवाओं की आवाज उठाने के बदले किए गए हैं। अब सरकार उनके करनाल सीट से चुनावी रण में उतरने से सरकार घबराई हुई दिख रही है।